सत्ता का सेमीफाइनल के तहत हमारे चुनावी रथ का तीसरा पड़ाव छत्तीसगढ़ का जांजगीर है। मौजूदा समय में जांजगीर-चांपा विधानसभा सीट से कांग्रेस के मोतीलाल देवांगन विधायक हैं।
अबतक हुए चुनावों में इस सीट पर एक बार कांग्रेस और एक बार भाजपा वाले परिणाम आते रहे हैं। हालांकि बहुजन समाज पार्टी भी यहां मजबूती से अपनी दावेदारी पेश करती है। इस लिहाज से भाजपा-कांग्रेस के लिए इस बार मुकाबला कांटे का होने वाला है। कलचुरी राजवंश के महाराजा जांजवाल्य देव का ये शहर जलसंकट से जूझता रहता है। साथ ही इलाके में स्वास्थ्य सुविधाओं की भी कमी है।
विष्णु मंदिर इस जिले के सुनहरे अतीत को दर्शाता है। पिछले दो दशकों से जांजगीर-चंपा विधानसभा चुनाव की सियासी लड़ाई भाजपा के नारायण चंदेल और कांग्रेस के मोतीलाल देवांगन के बीच रही है। छत्तीसगढ़ के गठन से पहले 1998 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के नारायण चंदेल और कांग्रेस के मोतीलाल देवांगन पहली बार एक दूसरे के सामने ताल ठोकी थी।
इस मुकाबले में नारायण चंदेल ने मोतीलाल देवांगन को 35 हजार 83 वोटों से हराया था और इसी के साथ इस सीट पर पहली बार भाजपा को जीत मिली थी। इस बार इस सीट पर 203233 मतदाता हैं।
2013 के चुनाव की नतीजे
मोतीलाल देवांगन-कांग्रेस-54291 वोट
नारायण चंदेल-भाजपा-43914 वोट
अमर सिंह राठौर-बसपा-27487 वोट