छत्तीसगढ़ के भिलाई, रिसाली और भिलाई-चरोदा नगर निगमों में दिसंबर में प्रस्तावित चुनावों को लेकर कांग्रेस और भाजपा ने तैयारी तेज कर दी है। कांग्रेस विकास कार्यों पर जोर देगी, जबकि भाजपा भ्रष्टाचार, जल संकट और सड़कों को मुद्दा बनाएगी।
छत्तीसगढ़ के भिलाई, रिसाली और भिलाई-चरोदा नगर निगमों में आगामी दिसंबर में प्रस्तावित चुनावों को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। तीनों निकायों में सत्ता पर काबिज कांग्रेस के सामने अपना वर्चस्व बरकरार रखने की चुनौती है, जबकि भाजपा इन चुनावों के जरिए अपनी खोई हुई जमीन वापस पाने की कोशिश में जुटी है।
चुनावी तैयारियों के तहत वार्ड स्तर पर गठित बूथ कमेटियों को सक्रिय किया जा रहा है। कांग्रेस कार्यकर्ता पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कार्यकाल की जनकल्याणकारी योजनाओं के साथ प्रदेश की मौजूदा भाजपा सरकार की नीतियों और कार्यप्रणाली को भी चुनावी मुद्दा बनाने की तैयारी में हैं। टिकट वितरण में स्थानीय राजनीतिक समीकरणों के साथ जातिगत संतुलन साधने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
भाजपा संगठन ने वार्ड स्तर पर सर्वेक्षण शुरू कर दिया है। इसके आधार पर संभावित प्रत्याशियों के चयन की तैयारी की जा रही है। पार्टी का जोर बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने के साथ युवा और महिला मतदाताओं को अपने पक्ष में जोड़ने पर है।
प्रदेश में भाजपा की सरकार होने का लाभ उठाते हुए पार्टी विकास के मुद्दे पर डबल इंजन सरकार का नारा भी चुनाव प्रचार में इस्तेमाल करने की तैयारी कर रही है। ऐसे में दिसंबर में प्रस्तावित इन चुनावों में कांग्रेस के लिए अपना कब्जा बरकरार रखना और भाजपा के लिए तीनों नगर निगमों में अपनी स्थिति मजबूत करना बड़ी चुनौती होगी।