मन चंगा तो कठौती में गंगा, यह संत शिरोमणि श्री रविदास ने कहा था। यदि ठान लिया जाए तो कुछ भी असंभव नहीं। प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना शुरू होने पर विश्वकर्मा समाज को आवश्यक वित्तीय संसाधन उपलब्ध हो गए हैं। वे अपने व्यवसाय को आगे ले जाने के लिए योजना का लाभ उठा रहे हैं।
महासमुंद जिले के झलप में हुए गुरु रविदास महासभा के राज्य स्तरीय सम्मेलन में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने कहा कि आपका समाज छोटा जरूर है, लेकिन ताकतवर समाज है, अगर मन में ठान लिया जाए तो हर काम संभव हो जाता है। उन्हें सुनने के लिए सैकड़ों की संख्या में महासभा के लोग और प्रतिनिधि मौजूद थे। मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर लोग गदगद हो रहे थे।
झलप निवासी सोनाधार रौतिया ने कहा कि अब हमें उम्मीद ही नहीं विश्वास है, हम अपने समाज को आगे बढ़ाएंगे। पहली बार कोई मुखिया हमारे महासम्मेलन में पहुंचे हैं। इससे हमें गर्व की अनुभूति हो रही है, इससे हम आगे बढ़ने के लिए उत्साहित हैं। उन्होंने बताया कि वे एक छोटे से जूते-चप्पल की दुकान के माध्यम से अपनी आजीविका चलाते हैं, लेकिन अब प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना से एक नई उम्मीद जगी है। उन्होंने कहा कि मुझे आसानी से लोन मिलेगा और अपने व्यवसाय को नया रूप दे सकूंगा।
इसी तरह समाज के किसान सफेद सिंह मिर्धा ने बताया कि वे खेती किसानी करते हैं। उन्होंने बताया कि उनके पास 5 एकड़ जमीन है। यहां पानी की समस्या है, वर्तमान सरकार सिकासेर जलाशय से पानी लाने की व्यवस्था करेगी। हमें विश्वास है कि आने वाले समय में यह काम जरूर पूरा होगा और हम यहां भी खेती को एक उन्नत खेती के रूप में विकसित करेंगे।
विशाखाबाई ने कहा कि चिटफंड कंपनी में लगा पैसा मिलने की उम्मीद बन गई है। उन्होंने महतारी वंदन योजना का जिक्र करते हुए कहा कि अब हमें साल में 12 हजार रुपये मिलेंगे। मैं बहुत खुश हूं कि प्रधानमंत्री मोदी और सीएम विष्णुदेव साय हम गरीब महिलाओं के लिए उम्मीद की नई किरण लेकर आए हैं। इस मौके पर सुखवंतीन बाई ने कहा कि मुख्यमंत्री सहज, सरल और विनम्र है। वह हम सबके के मुखिया हैं। सच कहूं तो इस सरकार में विकास की नई उम्मीद बंधी है।