कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा
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छत्तीसगढ़ में बीजेपी के नक्सल पुनर्वास नीति को लेकर कांग्रेस ने जमकर हमला बोला है। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता सुरेन्द्र वर्मा ने आरोप लगते हुए कहा कि माओवाद के आगे भाजपा सरकार ने घुटने टेक दिए हैं। भाजपा सरकार ने पांच महीनों में नक्सल मामलों में कोई ठोस नीति नहीं बन पाई है। उन्होंने आरोप लगते हुए कहा कि गृह मंत्री कभी वीडियो कॉल पर बात कर रहे हैं, कभी लाल भाजी का खाने का न्योता देते हैं, तो अब गूगल फॉर्म जारी कर सलाह मांग रहे हैं। इससे स्पष्ट है कि नक्सल नियंत्रण में भाजपा सरकार अब तक असफल है।
प्रवक्ता सुरेन्द्र ने दावा करते हुए कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस की सरकार ने विकास, विश्वास और सुरक्षा की नीति को अपनाकर छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया था। बस्तर में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सड़क और पुल पुलिया निर्माण के ऐतिहासिक कार्य हुए हैं। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस शासन में नक्सली घटनाओं में 68 प्रतिशत और शहादत में 80 प्रतिशत की कमी दर्ज की की गई थी। कांग्रेस प्रवक्ता का आरोप है कि अब डबल इंजन की सरकार आते हैं एक बार फिर स्थानीय आदिवासियों पर अत्याचार शुरू हो गया है।
उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि एक जनवरी को छह महीने की बच्ची को गोली लगी। 25 फरवरी को कांकेर के कोयलीबेड़ा में आदिवासियों को गोली मार दी गई, मृतक के परिजनों ने उनके आधार कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, सार्वजनिक कर न्याय की अपील की, कांग्रेस ने राजभवन तक ज्ञापन दिया। उन्होंने आरोप लगते हुए कहा कि बीजापुर में भी फर्जी मुठभेड़ के मामले सामने आए, नारायणपुर में झलियामार जैसी यौन शोषण की घटना छात्रावास स्कूल में हुआ। आठ दिन तक एफआईआर तक नहीं लिखा गया। उन्होंने कहा कि बीजापुर में मोटार्ड के फटने से दो मासूमों की जान गई, लेकिन सरकार न जांच के लिए तैयार है और ना ही कोई मुआवजा किसी पीड़ित के परिजनों को अब तक दी। उल्टे नक्सलियों से सुझाव मांग कर पीड़ितों को अपमानित कर रहे हैं।