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Korea BJP Leader Murder Case: रेत है पर मौत का खेल है ये! सत्ता के वर्चस्व में खूनी जंग, पढ़ें अंदर की सच्चाई

सार

 CG Korea BJP Leader Murder Case: छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के नौगई गांव में बीजेपी नेता समेत तीन लोगों को कार में जिंदा जलाकर हत्या करने की घटना से पूरा देश-प्रदेश हैरान और स्तब्ध है।
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ग्रॉफिक्स: अमर उजाला डिजिटल - फोटो : Amar ujala digital
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विस्तार
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CG Korea BJP Leader Murder Case: छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के नौगई गांव में बीजेपी नेता समेत तीन लोगों को कार में जिंदा जलाकर हत्या करने की घटना से पूरा देश-प्रदेश हैरान और स्तब्ध है। मामले में प्रदेश की सियासत गरमाई हुई है। जमकर राजनीति हो रही है। आरोप-प्रत्यारोप का दौर गर्म है। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार के संरक्षण में रेतमाफिया बेलगाम हैं। रेत के लिए भाजपाई गैंगवार कर रहे हैं। आये दिन हत्याएं हो रही हैं। सड़क पर कार में आदमी जिंदा जलाये जा रहे हैं। वहीं बीजेपी ने कहा कि अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई होगी। राजनीति छोड़कर सभी से प्रदेश में कानून व्यवस्था बनाये रखने की अपील की गई है। 

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रेत से जुड़े कारोबारियों का नाम नहीं छापने की शर्त पर कहना है कि रेत के कारोबार को एक पैमाने में तौला नहीं जा सकता। यह लाखों रुपये से लेकर अरबों तक का खेल है। जो बिना सरकारी संरक्षण के चल ही नहीं सकता। सत्ता से जुड़े नेताओं की इसमें रुचि इस वजह से भी है कि नेतागिरी और रसूख का प्रभाव खत्म होने के बाद भी इस कारोबार पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। इस अवैध व्यवसाय को चमकाये रखने के लिये और ब्लैक मनी को वाइट मनी करने के लिये रेत माफिया फंडिंग भी आसानी से कर देते हैं। फिर वो चाहे चुनावी फंडिंग हो या कोई अन्य व्यवस्था। यही वजह से है कि इस कारोबार पर माफियाओं और राजनेताओं की पकड़ बेहद मजबूत मानी जाती है। उन पर किसी प्रकार की कार्रवाई का कोई असर नहीं पड़ता। 
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कोरिया हो या रायपुर हर जगह फलफूल रहा ये कारोबार
राजधानी रायपुर के आरंग के पास और धमतरी जिले के कुरूद में बड़े पैमाने पर नदी का सीना चीरकर रेत का खुलेआम कारोबार हो रहा है। एक दो नहीं बल्कि कई किलोमीटर तक रेत ही रेत का डंपिग है। जो जितना रसूखदार ठेकेदार है उसका रेत डंपिंग उतना ही बड़ा है। आपकी नजर जहां तक पड़ेगी वहां तक रेत का डंपिंग भी दिखाई पड़ेगा। आरंग के कई गांव ऐसे हैं जहां 500 घरों में करीब 400 लोगों के घर रेत ढुलाई के लिये ट्रैक्टर, हाइवा समेत कई मशीन और उपकरण हैं जो उनकी रोजी-रोटी का प्रमुख साधन है और यह कारोबार इस क्षेत्र में दोगुनी गति से बढ़ते जा रहा है। 






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रेत खनन और राजनीतिक सांठगांठ
रेत खनन और राजनीति का सांठगांठ इस काले कारोबार में जड़ तक समाया हुआ है। रेत खनन को लेकर पहले भी कई वारदातें सामने आ चुकी हैं। पुलिस पर राजनेताओं का दबाव होने से समूचित कार्रवाई नहीं होने से रेत माफिया और उनके लठैत खुलेआम हिंसक खूनी घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। रेत के कारोबार में सत्ता का दखल इस कदर घुस गया है कि राजनेता अपने चहेते, मनमाफिक और खास लोगों को रेत का रेट तय करने से लेकर ठेके दिये जाने तक के खेल में जमकर लाबिंग और सिंडिकेट चला रहे हैं। विधायक, सांसद, मंत्री, नेता, थाना प्रभारी, पुलिस ऑफिसर सबको रेत माफिया कमीशन पहुंचा रहे हैं। कमीशन को खेल निचले स्तर से लेकर उच्च स्तर तक चल रहा है। रेत माफियाओं की राज्य स्तर के नेताओं से लेकर दिल्ली के गलियारे तक अच्छी-खासी मजबूत पकड़ है। ऐसे दबंग रेत ठेकेदार और रेत माफियाओं की तस्वीरें सोशल मीडिया पर आसानी से दिख जायेगी। इससे साबित होता है कि उनकी पकड़ कैसी है और उनकी पहुंच कहां तक है। इसी वजह से रेत का वैध-अवैध कारोबार दिनरात जमकर फलफूल रहा है। 






खनिज विभाग और पुलिस की नाममात्र की कार्रवाई 
इस रेत के कारोबार में सत्तारूढ़ दल के लोग शामिल हैं और सरकार में बैठे लोग उनको प्रश्रय दे रहे हैं। नेता सत्ता के प्रभाव से ऐसे रेत कारोबारियों को आसानी से बचा लेते हैं। वहीं सत्ता का दबाव होने से पुलिसिया कार्रवाई केवल खानापूर्ति बनकर रह जाती है। खनिज विभाग भी दो-चार ट्रक को दबोच कर नाममात्र की कार्रवाई दिखाकर अपनी जिम्मेदारी से इतिश्री कर लेता है। कार्रवाई हो भी कैसे? आखिर यह विभाग भी तो सरकारी ही है। 







सरकारी संरक्षण में रेतमाफिया बेलगाम: दीपक बैज
इस मामले में छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि पूरे प्रदेश में अब रेत का व्यापार बीजेपी नेताओं के बीच में गैंगवार का कारण बन चुका है। प्रदेश में रेत के लिए खून-खराबा मचा हुआ है। कोरिया जिले में बेहद ही डरावनी घटना घटी। एक भाजपा नेता ने दूसरे भाजपा के नेता उसके भाई और उसके साथी को फॉर्च्यूनर गाड़ी में बंद करके पेट्रोल डालकर जिंदा जला दिया और तीन लोगों की मृत्यु हो गई। सरकार के संरक्षण में रेत माफिया बेलगाम हो चुके हैं। भाजपा के विधायक, सांसद, मंत्री सीधी रेत के कारोबार में लिप्त है, उनके संरक्षण में अपराधी फलफूल रहे हैं। 

सत्ता के संरक्षण में खूनी खेल
उन्होंने कहा कि सत्ता के संरक्षण में पूरे प्रदेश में रेत का खूनी खेल चल रहा है। रेत के कारोबार में कहीं किसी की हत्या हो रही है, कहीं चाकूबाजी हो रही है। खुलेआम माफियाराज चल रहा है। पूरे प्रदेश के रेत घाटो में और सरकार सोई हुई है। सरकार में बैठे लोग पैसा कमाने के लिए पूरे प्रदेश में रेत के धंधे में खूनी खेल रहे हैं। चारों तरफ भय का माहौल है। पूरे प्रदेश में रेत के कारण गोलियां चल रही हैं। हत्या हो रही है और चाकू मारा जा रहा है।



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एक नजर में छत्तीसगढ़ में रेतमाफियों का आतंक 

  • एक पखवाड़ा पहले ही जांजगीर-चांपा के जैजेपुर में घर में घुसकर के दो भाइयों को गोली मारी गई।
  • कुछ दिनों पहले बलरामपुर में रेत माफिया ने पुलिस कांस्टेबल पर ट्रैक्टर चढ़ाकर हत्या कर दी।
  • राजनांदगांव में रेत माफिया ने गोली बारी की।
  • गरियाबंद में रेत माफिया ने खनिज इंस्पेक्टर और माइनिंग अधिकारियों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा।
  • बस्तर में अवैध रेत के खिलाफ खबर चलाने के कारण बस्तर में पत्रकार बप्पी राय सहित चार पत्रकारों को गांजा तस्करी के झूठे मुकदमे में फंसा दिया गया।
  • बिलासपुर के मस्तूरी में गोलियां चली।
  • रायगढ़ में कोयले के लिए घंटों तक ओडिशा बार्डर पर गोलियां चली।



 

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मृतक लल्ला सिंह, वीरेंद्र सिंह और नागेंद्र सिंह - फोटो : Amar ujala digital
बीजेपी नेता भरत सिंह गहरवार उर्फ लल्ला सिंह समेत तीन लोगों की हत्या मामले में प्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि मामला उनके संज्ञान में है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। इस मामले में आरोपी भी गिरफ्तार हुए हैं। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। सख्त कार्रवाई की जायेगी। वहीं कांग्रेस ने मामले में तंज कसा है।






कोरिया में धारा 163 लागू
इस हत्याकांड के बाद कोरिया जिले में भारी राजनीतिक तनाव और जनआक्रोश है। दोनों पक्ष सत्ताधारी दल से जुड़े होने के कारण मामला बेहद संवेदनशील है। स्थिति नियंत्रित करने के लिए जिला प्रशासन ने पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया है। कलेक्टर के आदेश पर धारा 163 लागू है, जिससे राजनीतिक प्रदर्शन, रैली या जुलूस पर प्रतिबंध है। पुलिस बल, वज्र वाहन और दंगा नियंत्रण बल भी तैनात हैं।



पुलिस कर रही जांच
पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या फोन पर हुई बातचीत के बाद पीड़ित प्रतिद्वंद्वी गुट के सदस्यों से मिलने गए थे।  जांचकर्ता उन दावों की भी पड़ताल कर रहे हैं कि पीड़ितों को समझौते के बहाने मौके पर बुलाया गया था। वहीं फॉर्च्यूनर पर पेट्रोल डालकर आग लगाने के आरोपों पर एएसपी कश्यप का कहना है कि फोरेंसिक विशेषज्ञ इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या वाहन को जानबूझकर जलाया गया था या हमले के दौरान बिजली के खंभे से टकराने के कारण उसमें आग लगी थी। फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही आग लगने के सटीक कारण का खुलासा होगा।


आरोपियों को फांसी और मामले की सीबीआई जांच की मांग
राजपूत समाज के राजेंद्र सिंह ने इस जघन्य अपराध की निंदा की। उन्होंने आरोपियों के घर पर बुलडोजर चलाने और उन्हें फांसी देने की मांग की। समाज ने सीबीआई और उत्तर प्रदेश की तर्ज पर मुठभेड़ की भी मांग की है। पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने घटना को निंदनीय बताया और सख्त कार्रवाई की मांग की। विधायक भैयालाल राजवाड़े ने मुख्यमंत्री साय से बात करने की जानकारी दी। घटनास्थल पर भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के कई बड़े नेता भी पहुंचे।







अब पढ़ें क्या है पूरा मामला
कोरिया जिले के सोनहत थाना क्षेत्र के नौगई गांव में रेत खनन को लेकर दो पक्षों के बीच कई साल से विवाद चल रहा था। मंगलवार की रात हुए हिंसक संघर्ष में भाजपा नेता भरत सिंह उर्फ लल्ला सहित कुल तीन लोगों को कार में जिंदा जलाकर हत्या कर दी गई। वहीं हादसे में मयंक सिंह और योगेंद्र सिंह घायल हुए हैं। कुल पांच लोगों पर त्रिपाठी गुट के हमलावरों ने हमला किया। आरोपियों ने एक कार को टक्कर मारकर उसमें आग लगा दी, जिससे यह दर्दनाक घटना हुई। पुलिस ने इस मामले में सात लोगों की पहचान की है, जिनमें से चार को गिरफ्तार किया जा चुका है।


टिपर से फॉर्च्यूनर कार को मारी टक्कर, फिर पेट्रोल डालकर फूंका
रेत कारोबार को लेकर ठाकुर और त्रिपाठी समूह के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। मंगलवार की रात फोन पर हुई कहासुनी के बाद मामला और भड़क गया। देर रात एक पक्ष के लोग कार में सवार होकर दूसरे पक्ष के घर के सामने पहुंचे। वहां दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और विवाद हिंसक संघर्ष में बदल गया। आरोप है कि मालवाहक टिपर से फॉर्च्यूनर कार को टक्कर मारी गई। इसके बाद वाहन में पेट्रोल डालकर आग लगा दी गई।

इनकी हुई हत्या
  • भाजपा के पूर्व जनपद पंचायत अध्यक्ष भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह
  • वीरेंद्र सिंह
  • नागेंद्र सिंह 

सात में से चार आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने इस मामले में कुल सात आरोपियों की पहचान की है। गिरफ्तार आरोपियों में अक्षय त्रिपाठी, विशाल त्रिपाठी, सत्यप्रकाश त्रिपाठी और मनु त्रिपाठी शामिल हैं। 

 
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