मृतक लल्ला सिंह, वीरेंद्र सिंह और नागेंद्र सिंह
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बीजेपी नेता भरत सिंह गहरवार उर्फ लल्ला सिंह समेत तीन लोगों की हत्या मामले में प्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि मामला उनके संज्ञान में है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। इस मामले में आरोपी भी गिरफ्तार हुए हैं। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। सख्त कार्रवाई की जायेगी। वहीं कांग्रेस ने मामले में तंज कसा है।
कोरिया में धारा 163 लागू
इस हत्याकांड के बाद कोरिया जिले में भारी राजनीतिक तनाव और जनआक्रोश है। दोनों पक्ष सत्ताधारी दल से जुड़े होने के कारण मामला बेहद संवेदनशील है। स्थिति नियंत्रित करने के लिए जिला प्रशासन ने पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया है। कलेक्टर के आदेश पर धारा 163 लागू है, जिससे राजनीतिक प्रदर्शन, रैली या जुलूस पर प्रतिबंध है। पुलिस बल, वज्र वाहन और दंगा नियंत्रण बल भी तैनात हैं।
पुलिस कर रही जांच
पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या फोन पर हुई बातचीत के बाद पीड़ित प्रतिद्वंद्वी गुट के सदस्यों से मिलने गए थे। जांचकर्ता उन दावों की भी पड़ताल कर रहे हैं कि पीड़ितों को समझौते के बहाने मौके पर बुलाया गया था। वहीं फॉर्च्यूनर पर पेट्रोल डालकर आग लगाने के आरोपों पर एएसपी कश्यप का कहना है कि फोरेंसिक विशेषज्ञ इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या वाहन को जानबूझकर जलाया गया था या हमले के दौरान बिजली के खंभे से टकराने के कारण उसमें आग लगी थी। फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही आग लगने के सटीक कारण का खुलासा होगा।
आरोपियों को फांसी और मामले की सीबीआई जांच की मांग
राजपूत समाज के राजेंद्र सिंह ने इस जघन्य अपराध की निंदा की। उन्होंने आरोपियों के घर पर बुलडोजर चलाने और उन्हें फांसी देने की मांग की। समाज ने सीबीआई और उत्तर प्रदेश की तर्ज पर मुठभेड़ की भी मांग की है। पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने घटना को निंदनीय बताया और सख्त कार्रवाई की मांग की। विधायक भैयालाल राजवाड़े ने मुख्यमंत्री साय से बात करने की जानकारी दी। घटनास्थल पर भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के कई बड़े नेता भी पहुंचे।
अब पढ़ें क्या है पूरा मामला
कोरिया जिले के सोनहत थाना क्षेत्र के नौगई गांव में रेत खनन को लेकर दो पक्षों के बीच कई साल से विवाद चल रहा था। मंगलवार की रात हुए हिंसक संघर्ष में भाजपा नेता भरत सिंह उर्फ लल्ला सहित कुल तीन लोगों को कार में जिंदा जलाकर हत्या कर दी गई। वहीं हादसे में मयंक सिंह और योगेंद्र सिंह घायल हुए हैं। कुल पांच लोगों पर त्रिपाठी गुट के हमलावरों ने हमला किया। आरोपियों ने एक कार को टक्कर मारकर उसमें आग लगा दी, जिससे यह दर्दनाक घटना हुई। पुलिस ने इस मामले में सात लोगों की पहचान की है, जिनमें से चार को गिरफ्तार किया जा चुका है।
टिपर से फॉर्च्यूनर कार को मारी टक्कर, फिर पेट्रोल डालकर फूंका
रेत कारोबार को लेकर ठाकुर और त्रिपाठी समूह के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। मंगलवार की रात फोन पर हुई कहासुनी के बाद मामला और भड़क गया। देर रात एक पक्ष के लोग कार में सवार होकर दूसरे पक्ष के घर के सामने पहुंचे। वहां दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और विवाद हिंसक संघर्ष में बदल गया। आरोप है कि मालवाहक टिपर से फॉर्च्यूनर कार को टक्कर मारी गई। इसके बाद वाहन में पेट्रोल डालकर आग लगा दी गई।
इनकी हुई हत्या
- भाजपा के पूर्व जनपद पंचायत अध्यक्ष भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह
- वीरेंद्र सिंह
- नागेंद्र सिंह
सात में से चार आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने इस मामले में कुल सात आरोपियों की पहचान की है। गिरफ्तार आरोपियों में अक्षय त्रिपाठी, विशाल त्रिपाठी, सत्यप्रकाश त्रिपाठी और मनु त्रिपाठी शामिल हैं।