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कोरिया तिहरा हत्याकांड: 3 लोगों को जिंदा जलाने के मामले में सत्ता का कनेक्शन! 'बुआ-भतीजे' के रिश्ते पर सवाल

Thu, 18 Jun 2026 03:39 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला नेटवर्क, कोरिया

सार

छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में भाजपा नेता समेत तीन लोगों को कार में जिंदा जला दिया गया। इस जघन्य वारदात ने प्रदेश की राजनीति में एक अभूतपूर्व मोड़ ले लिया है। यह मामला अब 'भाजपा बनाम भाजपा' की खूनी जंग बन चुका है।
 
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कोरिया तिहरा हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में भाजपा नेता समेत तीन लोगों को कार में जिंदा जला दिया गया। इस जघन्य वारदात ने प्रदेश की राजनीति में एक अभूतपूर्व मोड़ ले लिया है। यह मामला अब 'भाजपा बनाम भाजपा' की खूनी जंग बन चुका है। इस तिहरे हत्याकांड में मरने वाले भी भाजपा के नेता थे। हत्या की साजिश में शामिल होने के आरोप भाजपा और भाजयुमो के रसूखदार चेहरों पर लगे हैं। इस 'इनसाइडर' अपराध ने सरकार और संगठन को कटघरे में खड़ा कर दिया है। 

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सोशल मीडिया पर वायरल 'बुआ-भतीजे' के रिश्ते ने इस आग में घी का काम किया है। भारतीय जनता युवा मोर्चा के पूर्व जिला कार्यसमिति सदस्य निशांत त्रिपाठी और आरोपियों के रसूख की कड़ियां शीर्ष नेतृत्व से जुड़ रही हैं। 2 मई को विधायक रेणुका सिंह ने निशांत त्रिपाठी को जन्मदिन की बधाई दी थी। 
 

निशांत त्रिपाठी ने उन्हें 'बुआ जी' कहकर आभार जताया था। अब यह संवाद पूरे प्रदेश में राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है। मामले से जुड़े मनोज त्रिपाठी की भी विधायक रेणुका सिंह के साथ तस्वीरें सामने आई हैं। आरोपियों की केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू के साथ भी तस्वीरें वायरल हुई हैं।

राजनीतिक संकट गहराया
भाजपा अपने नेता की निर्मम हत्या पर शोक और आक्रोश जता रही है। वहीं, इस वारदात में शामिल होने का आरोप पार्टी पदाधिकारियों के करीबियों पर है। इस गहरे अंतर्विरोध ने विपक्ष को सरकार पर हमला करने का बड़ा हथियार दिया है। यह एक बड़ा राजनीतिक संकट बन गया है।

 
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कोरिया में धारा 163 लागू
इस हत्याकांड के बाद कोरिया जिले में भारी राजनीतिक तनाव और जनआक्रोश फैल गया है। दोनों पक्ष सत्ताधारी दल से जुड़े होने के कारण मामला बेहद संवेदनशील है। स्थिति नियंत्रित करने के लिए जिला प्रशासन ने पूरे इलाके को छावनी में बदल दिया है। कलेक्टर के आदेश पर धारा 163 लागू है, जिससे राजनीतिक प्रदर्शन, रैली या जुलूस पर प्रतिबंध है। पुलिस बल, वज्र वाहन और दंगा नियंत्रण बल भी तैनात हैं।
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