भोजराज नाग ने कांकेर में बीजेपी का फहराया फताका
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Kanker Lok sabha Election result 2024: छत्तीसगढ़ के कांकेर लोकसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी भोजराज नाग ने जीत हासिल की है। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी बीरेश ठाकुर को हराया है। तमाम रोमांच और विवाद के बीच भोजराज नाग विजयी घोषित किये गये। बेहद नजदीकी मुकाबले में कांग्रेस प्रत्याशी बीरेश ठाकुर को 1 हजार 884 मतों से शिकस्त दी। लगातार दूसरी बार बीरेश ठाकुर को हराया। भोजराम नाग को कुल 5 लाख 97 हजार 624 वोट मिले हैं। वहीं कांग्रेस प्रत्याशी बीरेश ठाकुर को 5 लाख 95 हजार 740 वोट मिले हैं। इस तरह जीत का अंतर 1 हजार 884 रहा। नाग के कुल वोट का प्रतिशत 47.23 और बीरेश का 47.08 प्रतिशत रहा।
कांग्रेस ने पूर्व चुनाव में हारे बीरेश ठाकुर पर एक बार फिर भरोसा जताया था। उन्होंने अपनी राजनीतिक सफर की शुरुआत छात्र नेता के रूप में की थी। उनके दादा और पिता विधायक रहे हैं। ठाकुर 1989 से कांग्रेस के सक्रिय सदस्य हैं। 1995, 2000 और 2010 में जनपद सदस्य निर्वाचित हुए। इसके बाद जनपद अध्यक्ष बने। बीरेश ठाकुर का राजनीतिक कद बढ़ते गया और जिला पंचायत के सभापति बने। इसके बाद प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष बने। कांग्रेस ने साल 2019 को इसी सीट पर चुनाव लड़ाया था। लेकिन भाजपा प्रत्याशी मोहन मंडावी से छह हजार वोटों से हारे थे।
जानें भोजराज नाग की राजनीति सफर
कांकेर के अंतागढ़ थाना क्षेत्र से आने वाले भोजराज नाग 2014 में हुए अंतागढ़ विधानसभा उपचुनाव में भाजपा से जीत हासिल कर विधायक बने थे। वे अनुसूचित जनजाति सुरक्षा मंच के संयोजक हैं। पूर्व विधायक भोजराज नाग ने अपनी राजनीतिक सफर की शुरुआत साल 1992 में की थी। सबसे पहले अपने गांव हिमोड़ा के सरपंच बने। साल 2000 से 2005 तक जनपद पंचायत अंतागढ़ के अध्यक्ष रहे। 2009 से 2014 तक जिला पंचायत सदस्य भी रहे। वर्तमान समय में भोजराज भाजपा अंतागढ़ के मंडल अध्यक्ष हैं।
लोकसभा चुनाव में भाजपा ने छत्तीसगढ़ के बस्तर के दोनों लोकसभा सीटों में हिंदुत्व के छवि वाले नेताओं पर अपना दाव खेला है। बस्तर लोकसभा सीट से महेश कश्यप और कांकेर लोकसभा सीट से भोजराज नाग को सांसद प्रत्याशी बनाया गया है। कांकेर लोकसभा सीट से प्रत्याशी भोजराज नाग अंतागढ़ के पूर्व विधायक रह चुके हैं और बस्तर में धर्मांतरण के विरोध में निकली गयी विशाल रैली और आंदोलन के मुख्य नेतृत्वकर्ता भी रह चुके हैं। पेशे से किसान और सरपंच का चुनाव जीतकर राजनीति में शुरुआत करने वाले भोजराज नाग को भाजपा ने टिकट दिया है। इससे पहले कांकेर लोकसभा सीट से भाजपा से ही सांसद मोहन मंडावी थे, लेकिन इस बार के चुनाव में भाजपा ने उनका टिकट काटते हुए भोजराज नाग को मौका दिया है।
26 साल से भाजपा का गढ़
अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित सीट को वजूद 1967 में मिला। इसे भाजपा का गढ़ माना जाता है। 1998 से यह सीट भाजपा के पास है। 1998 से 2009 तक सोहन पोटाई लगातार सांसद रहे। 2014 में भाजपा के विक्रम उसेंडी ने यहां से शानदार जीत दर्ज की। वहीं, 2019 में कांकेर से मोहन मंडावी सांसद बने। 2024 में भाजपा ने नया चेहरे पर भरोसा जताया है।
जानें इस चुनाव में विधानसभावार वोट प्रतिशत
- अंतागढ़ – 74.99 प्रतिशत
- भानुप्रतापपुर – 76.18 प्रतिशत
- डौंडीलोहारा – 74.93 प्रतिशत
- गुंडरदेही – 74.40 प्रतिशत
- कांकेर – 76.95 प्रतिशत
- केशकाल – 77.11 प्रतिशत
- संजारी बालोद – 75.88 प्रतिशत
- सिहावा – 79.93 प्रतिशत