चेम्बर ऑफ कॉमर्स के सम्मलेन में शामिल हुए सीएम साय
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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के 64वें वार्षिक सम्मेलन में शामिल हुए। यह समारोह पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज, रायपुर के सभागार में आयोजित की गई थी। सीएम साय ने सम्मलेन में संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में व्यापार और उद्योगों की सतत उन्नति और विकास हो। आप सभी का व्यवसाय खूब फले-फूले और तरक्की करें। अपने उद्योग-धंधे और व्यापार से पैदा होने वाले रोजगारों में स्थानीय निवासियों को प्राथमिकता दें।
सीएम साय ने कहा कि पूरे प्रदेश में लगभग 12 लाख व्यापारी हैं और राज्य की अर्थव्यवस्था को गति देने में उद्योगों का बहुत बड़ा योगदान है। छत्तीसगढ़ धान का कटोरा है। यहां की धरती उर्वरक है और किसान मेहनतकश हैं। यहां धान की बंपर पैदावार होती है। यहां खनिज संपदा का भी विपुल भंडार है। लोहा, कोयला, टिन, बॉक्साइट जैसे बहुमूल्य खनिज भी उपलब्ध है। प्रदेश लघु वनोपजों के संग्रहण में भी आगे है। पानी और बिजली की भी पर्याप्त उपलब्धता है। इस तरह प्रदेश में उद्योगों के विकास की असीम संभावनाएं मौजूद हैं।
इस अवसर पर डिप्टी सीएम अरुण साव ने कहा कि आप केवल व्यापार ही नहीं करते बल्कि आपके माध्यम से हजारों लोगों को रोजगार मिलता है। प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से इसके अनेक फायदे होते हैं। रोजगार के अवसर मिलने पर लोग आत्मनिर्भर होंगे और इससे देश भी आत्मनिर्भर होगा। व्यापार के सुगम और सरल बनने से भारत समृद्ध होकर दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन पाएगा।
डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ की सरकार व्यापार हितैषी सरकार है। देश में उन्नति हो इसके लिए उद्योग और व्यापार सुदृढ़ होने चाहिए। श्री शर्मा ने कहा कि उद्योगों के विकास के लिए सरकार पूरा सहयोग करेगी। शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि सरकार की योजना है कि व्यापार को इतना सुगम बनाया जाए, ताकि व्यापारी सरकार का खजाना टैक्स से भर दें। सरकार के खजाने से जनता की भलाई का काम किया जाएगा। उन्होंने चेम्बर से सेवा के काम में आगे आने को कहा।
राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड के चेयरमेन सुनील सिंघी ने कहा कि देश में सुगम, सरल, सुरक्षित व्यापार के लिए पीएम मोदी की पहल से राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड की स्थापना की गई है। इस व्यवस्था में भारत सरकार के 9 विभाग को जोड़ा गया है। इसमें नीति आयोग भी शामिल है, जिससे राष्ट्र स्तर पर योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी। उन्होंने कहा कि बोर्ड के माध्यम से छोटे बड़े सभी व्यवसायों और उद्योगों के हित की बात की जाती है।