सुशील आनंद शुक्ला, सीएम विष्णुदेव साय
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पांच साल की तरह इस वर्ष भी सीएम हाउस रायपुर में हरेली तिहार धूमधाम से मनाया जायेगा। इस लेकर सीएम हाउस में जमकर तैयारियां चल रही हैं। इस मामले में अब जमकर राजनीति हो रही है। प्रदेश की सियासत गरमाई हुई है। प्रदेश कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने इस संबंध में बीजेपी पर तंज कसा है। उन्होंने कहा कि देर से और कांग्रेस की नकल करने के उद्देश्य से ही सही बीजेपी की छत्तीसगढ़ सरकार के तीज त्योहार को प्रमोट करने के लिए मजबूर हो गई है।
शुक्ला ने कहा कि हरेली के त्योहार पर मुख्यमंत्री निवास को पारंपरिक रूप से सजाया जाएगा जैसा कि पूर्ववर्ती भूपेश बघेल की सरकार में सजाया जाता था। यह बेहद ही अच्छा कदम है। छत्तीसगढ़ में जब 15 साल तक बीजेपी की सरकार थी। उस दौरान छत्तीसगढ़िया तीज-त्योहारों की उपेक्षा की गई। जब प्रदेश में भूपेश बघेल की सरकार आयी तब छत्तीसगढ़िया तीज- त्योहार, खान-पान को आगे बढ़ाने का काम किया गया। छत्तीसगढ़िया संस्कृति को प्रमोट किया गया। इन सब चीजों से जनता का जुड़ाव हुआ। अब बीजेपी की साय सरकार उस परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए मजबूर हो गई है।
परंपरागत तरीके से सज रहा सीएम हाउस
इस बार हरेली के उल्लास को संजोने मुख्यमंत्री निवास को परंपरागत तरीके से सजाया जा रहा है। हरेली के दिन 4 अगस्त को यहां किसान भाइयों के हल, खुरपी नजर आयेंगे। गेड़ी में लोगों का उत्साह नजर आयेगा। मुख्यमंत्री साय, कैबिनेट मंत्री, विधायक, सांसद, नेतागण, परंपरागत तरीके से पूजा अर्चना करेंगे। हरेली तिहार के मौके पर मुख्यमंत्री सबसे पहले विधिविधान से कृषि उपकरणों की पूजा करेंगे। हरेली के अवसर पर पूरे छत्तीसगढ़ अंचल में लोग अपने अपने लोकगीत गाते हैं और नृत्य करते हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को अंचल के सभी नृत्य एवं लोकगीतों का आयोजन करने कहा है ताकि पूरा छत्तीसगढ़ समवेत रूप में मुख्यमंत्री निवास में अपने पूरे सांस्कृतिक वैविध्य में नजर आये।
होगी सांस्कृतिक प्रस्तुति
करमा, राउत नाचा के सुंदर गीतों और लयबद्ध नृत्य के साथ आयोजन की शुरुआत होगी। फिर परंपरागत खेलों का आयोजन होगा। इसमें डंडा, भौंरा, बांटी जैसे खेल होंगे। हरेली आयोजन में सबसे यादगार गेड़ी होती है गेड़ी में चलकर लोग पुराने दिनों को याद करेंगे। मुख्यमंत्री इस अवसर पर हरेली त्योहार से जुड़ी अपनी स्मृतियों को साझा करेंगे। साथ ही वे जनमानस को हरेली का संदेश भी देंगे। इस बार हरेली इस मायने में भी खास है कि पूरे देश में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने एक पेड़ मां के नाम लगाने का संदेश दिया है और छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में लोग बढ़चढ़कर इसमें हिस्सा ले रहे हैं।