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'इलेक्ट्रोरल बॉन्ड भ्रष्टाचार का नमूना': दीपक बैज बोले- चुनावी चंदा घोटाला के लिए बीजेपी की मान्यता रद्द हो

Tue, 19 Mar 2024 04:41 PM IST
ललित कुमार सिंह अमर उजाला ब्यूरो, रायपुर

सार

CG Lok sabha Election 2024: लोकसभा चुनाव से पहले प्रदेश की सियासत गर्म है। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने आज मंगलवार को प्रदेश कार्यालय राजीव भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस लेकर बीजेपी पर जमकर निशाना साधा।
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प्रेस कॉन्फ्रेंस लेते दीपक बैज - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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CG Lok sabha Election 2024: लोकसभा चुनाव से पहले प्रदेश की सियासत गर्म है। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने आज मंगलवार को प्रदेश कार्यालय राजीव भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस लेकर बीजेपी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग किया है। विपक्षी दलों के नेताओं को परेशान करने के लिए ईडी, आईटी, सीबीआई को बीजेपी का वसूली एजेंट बना दिया है। जहां चुनाव होते हैं वहां के विपक्षी दलों नेताओं के खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज कराये जाते हैं। ईडी की ओर से षडयंत्र रचा जाता है। चुनाव के समय पूरे देश में यहीं स्थिति है।
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प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि ईडी सीबीआई, आईटी व्यापारिक घरानों उद्योगपतियों के यहां छापा मारती है। उसके बाद भाजपा को चंदा देने दबाव बनाया गया। हजारों करोड़ रुपये वसूला गया। सरकार प्रायोजित अवैध वसूली का इससे बड़ा उदाहरण पूरी दुनिया में नहीं मिलेगा। सरकार जिसकी लोगों के जान माल के संरक्षण देने की कानूनी जवाबदारी होती है। उसी ने केंद्रीय एजेंसियों के माध्यम से वसूली किया। मोदी सरकार ने ईडी, आईटी, सीबीआई को अपना गुर्गा बना लिया है।  

कांग्रेस ने उठाए सवाल, लगाए कई आरोप 
  • इलेक्टोरल बांड से संबंधित जो जानकारी सामने आई है, उससे साफ है कि इलेक्टोरल बॉन्ड मोदी सरकार ने भाजपा को फायदा पहुंचाने के लिये लाया गया था।
  • यह देश का अब तक का सबसे बड़ा चुनावी चंदा घोटाला है।
  • मोदी सरकार ने व्यवसायिक संस्थानों को केन्द्रीय एजेंसियो के माध्यम से डरवा कर छापे मारवाकर गलत कार्रवाई करवाकर इलेक्टोरल बांड के माध्यम से वसूली करवाया।
  • इलेक्टोरल बॉन्ड के माध्यम से मोदी सरकार ने घूस भी वसूला। जिन कंपनियों ने भाजपा को चुनावी चंदा दिया उनको हजारों करोड़ रुपए के ठेके दिये गये।
  • जिन कंपनियों ने भाजपा को चंदा दिया उनके खिलाफ मनीलांड्रिंग की कार्यवाही मोदी सरकार ने रोकवा दिया।
  • इलेक्टोरल बॉन्ड से जुड़ी जानकारी सामने आने के बाद यह साफ हो गया की भाजपा नें अपने आर्थिक लाभ के लिए सारा षड्यंत्र किया। इसीलिए स्टेट बैंक इसको छुपाना चाह फिर थी जो जानकारी सामने आई है उसके अनुसार 1 हजार 300 से अधिक कंपनियों और व्यक्तियों ने इलेक्टोरल बॉन्ड के रूप में दान दिया है।
  • 2019 के बाद से भाजपा को 6 हजार करोड़ से अधिक का दान मिला है।
  • ऐसी कई कंपनियों के मामले हैं, जिन्होंने इलेक्टोरल बॉन्ड दान किया है और इसके तुरंत बाद इन कपंनियों ने मोदी सरकार से भारी लाभ प्राप्त किया है।
  • मेघा इंजीनियरिंग एंड इंफ्रा ने 800 करोड़ रुपए से अधिक इलेक्टोरल बॉन्ड में दिए हैं। अप्रैल 2023 में, उन्होंने 140 करोड़ डोनेट किया और ठीक एक महीने 6 बाद, उन्हें 14 हजार 400 करोड़ रुपए की ठाणे-बोरीवली ट्विन टनल प्रोजेक्ट मिल गया।
  • जिंदल स्टील एंड पावर ने 7 अक्टूबर 2022 को इलेक्टोरल बॉन्ड में 25 करोड़ रुपए दिए और सिर्फ़ 3 दिन बाद वह 10 अक्टूबर 2022 को गारे पाल्मा 4/6 कोयला खदान हासिल करने में कामयाब हो गया।
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