छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने अंबूजा सीमेंट संयंत्र में फ्लाइऐश हॉफर के फटने से पांच श्रमिकों की मौत के मामले में प्रबंधन के खिलाफ मामला दर्ज किए जाने की मांग की है।
अजीत जोगी ने आज यहां जारी बयान में श्रमिकों की मौत पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए उनके परिजनों के प्रति गहरी सहानुभूति व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि यह हादसा संयंत्र संचालकों की घोर लापरवाही के कारण हुआ जिसकी भरपाई केवल मुआवजा राशि देने से नहीं हो सकती है।
उन्होंने घटना के लिए दोषी व्यक्तियों एवं अमले के विरूद्व घोर लापरवाही का अपराध भारतीय दण्ड संहिता की धारा 304(1) के अंतर्गत तत्काल पंजीबद्व किए जाने की राज्य सरकार से मांग की है। मालूम हो कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपए का मुआवजा देने के लिए फैक्ट्री प्रबंधन को निर्देश दिए हैं। मुआवजे की यह राशि राज्य कर्मचारी बीमा योजना की राशि के अलावा होगी। फैक्ट्री को दुर्घटना की जांच पूरी होने तक बंद करा दिया गया है।
मामला यह है कि बलौदबाजार जिला मुख्यालय से 6 किलोमीटर दूर अंबुजा सीमेंट संयंत्र में गुरवार सुबह पैकिंग यूनिट में मिण टंकी की दीवार ढहने से 5 मजदूरों की मौत हो गई। वहीं दर्जनभर मजदूर घायल हो गए। हादसे के लिए संयंत्र प्रबंधन को दोषी ठहराते हुए करीब 1 हजार गुस्साये मजदूरों और ग्रामीणों ने बलौदाबाजार-भाटापारा मार्ग पर तीन घंटे तक चक्काजाम किया। मजूदरों को हटाने के लिए पुलिस को लाठी लहरानी पड़ी।
पैकिंग यूनिट में फ्लाइऐश हॉफर (एक गोलाकार टंकी, जिसमें सीमेंट का मिण होता है) के 10 फुट ऊपर लगी लोहे की जाली अचानक टंकी पर गिर गई। इससे टंकी की एक दीवार ढह गई और गरम हो रहे मिण बाहर आ गए। इससे मजदूर बुरी तरह से झुलस गए। इस हादसे में अब तक पांच श्रमिकों की मौत हो चुकी है। मिण में दबे तीन अन्य लोगों के शव निकाले गए हैं। एक श्रमिक का शव निकालने की कोशिशें जारी हैं।