छत्तीसगढ़ में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इसे लेकर अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। पार्टी ने अपने सांसदों और विधायकों से कहा है कि वह अपने-अपने क्षेत्रों में कमजोर बूथ की सर्वे रिपोर्ट तैयार करें। भाजपा के केंद्रीय संगठन ने इसके लिए सांसदों को 100 और विधायकों को 50 कमजोर बूथों की तलाश करने का निर्देश दिया है।
हालांकि, यह सर्वे किसी भी चुनाव से पहले की तरह की तैयारियों की तरह आम सा ही दिखता है लेकिन भगवा दल की ओर से दिए गए एक फॉर्म ने इसे रोचक कर दिया है। इस फॉर्म में पूछा गया है कि जिस बूथ की रिपोर्ट है उसमें किस धर्म के कितने मतदाता हैं। फॉर्म में धार्मिक समीकरण के सवाल में हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, बौद्ध और अन्य मतदाताओं की जानकारी मांगी गई है।
सांसदों को निपटाने की तैयारी में भाजपा: सीएम बघेल
वहीं, राज्य के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भाजपा की इस तैयारी को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। मुख्यमंत्री बघेल ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में भाजपा विधायकों के टिकट तो पहले ही काट चुकी है, अब सांसदों को भी निपटाने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा सांसद किसी भी तरह सांसदों से पीछा छुड़ाना चाह रही है, इसीलिए उन्हें इस तरह के काम दिए जा रहे हैं।