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छत्तीसगढ़: कवर्धा हिंसा मामले में पार्टी नेताओं समेत भाजपा सांसद के नाम एफआईआर, कांग्रेस ने स्वीकार की चूक

Sat, 09 Oct 2021 09:37 PM IST
Jeet Kumar पीटीआई, कवर्धा

सार

कबीरधाम में धार्मिक झंडे को हटाने को लेकर दो समुदायों के लोगों के बीच झड़प के दो दिन बाद हिंसा हुई। इसके बाद कवर्धा शहर में मंगलवार को दक्षिणपंथी संगठनों द्वारा एक रैली निकाली गई जो हिंसक हो गई।
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कवर्धा हिंसा - फोटो : social media
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विस्तार
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छत्तीसगढ़ में सत्तारूढ़ कांग्रेस ने राज्य के कवर्धा शहर में इस सप्ताह की शुरुआत में हुई हिंसा के लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराया। कांग्रेस ने कहा कि भगवा पार्टी सांप्रदायिकता की राजनीति करना चाहती है क्योंकि उसके पास मुद्दे खत्म हो गए हैं। एक संवाददाता सम्मेलन में राज्य के तीन वरिष्ठ मंत्रियों ने सीआरपीसी की धारा 144 लागू होने के बावजूद हिंसा से पहले कवर्धा में बड़ी संख्या में लोगों के प्रवेश को रोकने के लिए स्थानीय प्रशासन की ओर से चूक स्वीकार की। 

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मंगलवार को कबीरधाम जिले के मुख्यालय कवर्धा में दक्षिणपंथी संगठनों ने धार्मिक झंडे हटाने को लेकर दो समुदायों के लोगों में झड़प के विरोध में रैली की थी। इस दौरान यहां हिंसा हुई और संपत्तियों को नुकसान पहुंचा। हिंसा के बाद यहां कर्फ्यू लगा दिया गया था।

छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री रवींद्र चौबे ने कहा कि मुंगेली, धमतरी, राजनगांव, बिलासपुर और अन्य सहित अन्य जिलों से बड़ी संख्या में लोग सोमवार को कवर्धा में दाखिल हुए और स्कूलों व अन्य स्थानों पर रुके। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का मानना है कि घटना भाजपा द्वारा प्रायोजित लगती है।
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भाजपा नेताओं पर एफआईआर 
छत्तीसगढ़ के कवर्धा शहर में हुई हिंसा के मामले में पुलिस ने अब कार्रवाई करना शुरू कर दिया है। हिंसा के संबंध में भाजपा सांसद संतोष पांडेय और पूर्व सांसद अभिषेक सिंह समेत अन्य पार्टी के नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है वहीं कुछ नेताओं पर दंगा करने का भी आरोप लगाया है।

भाजपा के संतोष पांडेय राजनांदगांव से लोकसभा सांसद हैं, इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह के बेटे अभिषेक सिंह भी इसी लोकसभा सीट के सांसद रह चुके हैं। वहीं कवर्धा छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से 120 किमी दूर है और यह राजनांदगांव लोकसभा क्षेत्र का बड़ा शहर है।

बता दें कि भाजपा सांसद संतोष पांडेय ने पूर्व सांसद अभिषेक सिंह समेत भाजपा राज्य सचिव विजय शर्मा और पार्टी के कुछ अन्य नेताओं के साथ कबीरधाम जिले के मुख्यालय कवर्धा में दक्षिणपंथी संगठनों द्वारा निकाली गई रैली में कथित तौर पर भाग लिया था। ये रैली काफी हिंसक हो गई थी और इसमें संपत्तियों को काफी नुकसान पहुंचा था।

इस घटना के बाद स्थानीय अधिकारियों ने स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए कवर्धा में कर्फ्यू लगा दिया था। लेकिन अधिकारियों का कहना है कि शनिवार को सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक कर्फ्यू में ढील दी जाएगी, क्योंकि स्थिति अब काबू में है।

पुलिस को करना पड़ा था लाठीचार्ज
कबीरधाम में धार्मिक झंडे को हटाने को लेकर दो समुदायों के लोगों के बीच झड़प के दो दिन बाद हिंसा हुई। इसके बाद कवर्धा शहर में मंगलवार को दक्षिणपंथी संगठनों द्वारा एक रैली निकाली गई जो हिंसक हो गई। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए कुछ पुलिसकर्मियों को मामूली चोटें आईं। जिन्होंने घरों और दुकानों पर पथराव किया और कुछ वाहनों में तोड़फोड़ की उन पर पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा था।

हिंसा भड़कने के बाद धारा 144 लागू कर कर्फ्यू लगा दिया था। इसके अलावा मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने कवर्धा में देर रात करीब 12 बजे इंटरनेट सेवाएं बंद कर दीं। इसके बाद पड़ोसी जिलों बेमेतरा और राजनांदगांव में भी इंटरनेट बंद करा दिया था।  

अधिकारियों के अनुसार, हिंसा के मामले में कुछ भाजपा नेताओं सहित कम से कम 1,000 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। वीडियो फुटेज के आधार पर और लोगों की पहचान की जा रही है। जिसके आधार पर और गिरफ्तारियां की जाएंगी। 

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