अग्रवाल ने कहा कि कबीर पंथ धर्मगुरु प्रकाश मुनि नाम साहेब ने फैसले का विरोध करने के लिए रायपुर-बिलासपुर राजमार्ग पर धरना भी दिया। वहीं कांग्रेस विधायक मोहन मरकाम, बृहस्पति सिंह, अमरजीत भगत और अन्य ने विपक्षी नेताओं का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में कुपोषण की दर लगभग 40 प्रतिशत है, इसलिए वे अंडे उपलब्ध कराना चाहते हैं, जो प्रोटीन का एक स्रोत है।
कांग्रेस विधायकों द्वारा बार-बार व्यवधान डालने के कारण, भाजपा विधायक बाहर चले गए। अध्यक्ष ने फिर कार्यवाही को 10 मिनट के लिए स्थगित कर दिया। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रमुख मोहन मरकाम और कांग्रेस के अन्य विधायक बृहस्पति सिंह ने कहा कि राज्य सरकार ने आदिवासी और पिछड़े क्षेत्रों में निवास करने वाले बच्चों में कुपोषण से लड़ने का निर्णय लिया है। लेकिन विपक्ष इसे राजनीतिक मुद्दा बना रहा है।
सदस्यों ने कहा कि अंडा देने का फैसला सभी छात्रों के लिए अनिवार्य नहीं है। जो अंडा नहीं खाना चाहते हैं या शाकाहारी हैं, उन्हें अंडा नहीं दिया जाएगा। राज्य सरकार के अधिकारियों के मुताबिक पिछले महीने से मध्याह्न भोजन कार्यक्रम के तहत सप्ताह में एक बार अंडे का वितरण शुरू किया गया है। हाल ही में कांग्रेस के विधायकों ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को पत्र लिखकर इसे सप्ताह में तीन दिन करने की मांग की।