छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिला दंडाधिकारी अजीत वसंत ने पटवारी कार्यालय में घुसकर मारपीट करने वाले भाजपा नेता और आदतन अपराधी जितेंद्र कुजूर उर्फ मोनू कुजूर को एक वर्ष के लिए जिलाबदर कर दिया है। जिला दंडाधिकारी ने यह कड़ी कार्रवाई सरगुजा पुलिस अधीक्षक के प्रतिवेदन और राज्य सुरक्षा अधिनियम 1980 की धारा 5 के तहत की है। आदेश के लागू होने के बाद आरोपी का 10 सितंबर, 2026 से आगामी एक वर्ष की अवधि तक सरगुजा सहित छह पड़ोसी जिलों की सीमाओं में प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। निष्कासन की यह अवधि सरगुजा, जशपुर, रायगढ़, कोरबा, बलरामपुर और सूरजपुर जिलों पर लागू होगी।
मामला 22 अप्रैल का है, जब दरिमा भाजपा मंडल के अनुसूचित जनजाति (एसटी) मोर्चा के तत्कालीन अध्यक्ष जितेंद्र कुजूर ने कंठी स्थित पटवारी कार्यालय में प्रवेश किया। वहां उसने पटवारी प्रकाश मंडल से राजस्व निरीक्षक अनिता राजवाड़े के संबंध में जानकारी मांगी। जब पटवारी ने बताया कि राजस्व निरीक्षक दोपहर के भोजन के लिए गई हैं, तो आरोपी ने फोन लगाने को कहा। पटवारी ने दीवार पर लिखे नंबर से खुद बात करने या न उठाने पर बात कराने की बात कही। इस बात से नाराज होकर जितेंद्र कुजूर ने पटवारी की पिटाई शुरू कर दी और बीच-बचाव करने आए कंप्यूटर ऑपरेटर को भी पीटा।
सीसीटीवी में कैद हुई थी घटना
पटवारी जब खुद को बचाने के लिए दफ्तर से बाहर भागे, तो आरोपी ने बाहर भी उन्हें लात-डंडे से पीटा। पटवारी ने किसी तरह अपने कमरे में भागकर और अंदर से दरवाजा बंद करके जान बचाई। पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज करके आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस अधीक्षक ने आरोपी की आपराधिक पृष्ठभूमि को देखते हुए जिलाबदर की कार्रवाई का प्रतिवेदन जिला दंडाधिकारी की अदालत में पेश किया था।
सोशल मीडिया पर भी दबंगई
आदतन बदमाश जितेंद्र कुजूर फिटनेस ट्रेनर भी है और सोशल मीडिया पर अपनी दबंगई के वीडियो साझा करता रहा है। एक वीडियो में वह हाथ में पिस्टल और बंदूक के साथ दिखाई दिया था। इसके अलावा उसने जनप्रतिनिधियों, विधायकों और सांसदों के साथ अपनी तस्वीरें और वीडियो भी पोस्ट किए हैं। जिला दंडाधिकारी ने आरोपी को कारण बताओ नोटिस जारी करके विधिवत सुनवाई का अवसर दिया। अभियोजन पक्ष और साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने छह जिलों की सीमाओं से निष्कासन का अंतिम आदेश जारी कर दिया।