रतनपुर थाने के बाहर प्रदर्शन करते आदिवासी।
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छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में विशेष संरक्षित जनजाति बैगा आदिवासियों के साथ मारपीट और अमानवीय कृत्य के विरोध में सर्व आदिवासी समाज ने गुरुवार को प्रदर्शन किया। समाज ने रतनपुर थाने का घेराव कर दिया और प्रशासनिक अफसरों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। समाज ने दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। आरोप है कि वन विकास निगम के कर्मचारियों ने पूछताछ की आड़ में आदिवासियों से मारपीट की है। फिलहाल पुलिस ने एक सप्ताह के भीतर जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
जानकारी के मुताबिक, तेंदुआ बीट के जंगल में 27 मई को एक मृत भालू मिला था। जिसकी जांच करते हुए वन विकास निगम के कर्मचारियों ने ग्राम करका के बैगा जनजाति क्षेत्र नकटाबांधा में छापा मारा। आरोप है कि, पूछताछ के बहाने गांव के लूमन सिंह बैगा, वीर सिंह बैगा और राम सिंह बैगा को वन विकास निगम के कर्मचारी अपने साथ ले गए थे। इसके बाद रेस्ट हाउस और वन विकास निगम के कार्यालय में पूछताछ के नाम पर तीनों लोगों के साथ जमकर मारपीट की गई।
सर्व आदिवासी समाज का आरोप है कि, वन विकास निगम के कर्मचारियों ने शराब के नशे में बैगा आदिवासियों के साथ बेरहमी से मारपीट की, जिससे उनके नाक, कान, कमर और सिर में गंभीर चोट आई है। समाज ने मांग की है कि, दोषी कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो और निर्दोष गरीब बैगा आदिवासियों को न्याय दिलाया जाए। समाज के पदाधिकारियों ने बताया कि, वन विकास निगम अपनी लापरवाही पर पर्दा डालने के लिए निर्दोष बैगा आदिवासियों को निशाना बना रहा है।