प्रदेश के चर्चित शराब घोटाला मामले में फंसे सभी आरोपियों की याचिकाओं को हाईकोर्ट ने एकसाथ खारिज कर दिया है। फैसले के बाद पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा, अरुणपति त्रिपाठी, अनवर ढेबर और विधु गुप्ता सहित सभी आरोपियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
प्रदेश के चर्चित शराब घोटाला मामले में फंसे सभी आरोपियों की याचिकाओं को हाईकोर्ट ने एकसाथ खारिज कर दिया है। फैसले के बाद पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा, अरुणपति त्रिपाठी, अनवर ढेबर और विधु गुप्ता सहित सभी आरोपियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। बता दें कि लिकर स्कैम में फंसे सभी आरोपियों ने ईडी,ACB और EOW की FIR को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।
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याचिका में fir खत्म करने की मांग की गई थी । मिली जानकारी के मुताबिक बीते कांग्रेस सरकार में अनवर ढेबर ने अपनी पहुंच का इस्तेमाल करते हुए अरुणपति त्रिपाठी को CSMCL का एमडी नियुक्त कराया, इसके बाद अधिकारी, कारोबारी, राजनीतिक रसूख वाले लोगों के सिंडिकेट के जरिए 2161 करोड़ रुपए का घोटाला किया गया। एसीबी और ईओडब्ल्यू की एफआईआर ईडी की जांच में मिले सबूतों के आधार पर दर्ज हुई है।
दरअसल, शराब घोटाले को लेकर ACB और EOW ने अनिल टुटेजा, उनके बेटे यश टुटेजा, अनवर ढेबर, विधु गुप्ता, निरंजन दास और एपी त्रिपाठी के खिलाफ FIR दर्ज की है। अपने खिलाफ की गई FIR को निरस्त करने की मांग को लेकर सभी आरोपियों ने हाईकोर्ट में अलग-अलग याचिका दायर की थी।बीते 10 जुलाई को सभी पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया था,जिस पर आज मंगलवार को फैसला आया है।