बीजापुर में इन्द्रावती टाइगर रिजर्व क्षेत्र के सैकड़ो आदिवासियों ने विस्थापन के विरोध में रैली निकालकर विरोध प्रदर्शन किया और अपनी पांच सूत्रीय मांगों को लेकर राज्यपाल, मुख्यमंत्री, वनमंत्री, सांसद व विधायक के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपा गया।
बीजापुर में इन्द्रावती टाइगर रिजर्व क्षेत्र के सैकड़ो आदिवासियों ने विस्थापन के विरोध में रैली निकालकर विरोध प्रदर्शन किया और अपनी पांच सूत्रीय मांगों को लेकर राज्यपाल, मुख्यमंत्री, वनमंत्री, सांसद व विधायक के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपा गया।
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मंगलवार की दोपहर इन्द्रावती टाइगर रिजर्व क्षेत्र के 76 गांव के सैकड़ों आदिवासी ग्रामीण करीब 80 किलो मीटर पैदल चलकर ब्लाक मुख्यालय भोपालपटनम पहुंचे। यहां ग्रामीणों ने इन्द्रावती टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्र से विस्थापन किये जाने के विरोध में एक विशाल रैली निकाल कर अपना विरोध दर्ज कराया। अपनी पांच सूत्रीय मांगों को लेकर ग्रामीणों का कहना है कि इन्द्रावती टायगर रिजर्व कोर क्षेत्र में पुरखों से निवासरत आदिवासियों को वहां से उजाड़ कर विस्थापन पुनर्वास करने दैनिक अखबारों व जिला कलेक्टर व उपनिदेशक इन्द्रावती टाइगर रिजर्व बीजापुर द्वारा ज्ञापन प्रकाशित किया गया है।
उनका कहना है कि यहां के मूल निवासी के रूप में जल जंगल जमीन परंपरा बोली भाषा संस्कृति की रक्षा करते हुए, पेन टोटेम व्यवस्था के अंतर्गत खेती खलिहानों, महुआ, टोरा, तेंदूपत्ता संग्रहण कर जीवन यापन करते है। ज्ञापन में विस्थापन पुनर्वास नीति का विरोध करते हुए कहा गया है कि हम जान देंगे पर जमीन नहीं छोड़ेंगे। हम यथावत रहेंगे। राज्यपाल, मुख्यमंत्री, वनमंत्री, सांसद व क्षेत्रीय विधायक के नाम पांच सूत्रीय मांगों का ज्ञापन एसडीएम भोपालपटनम को सौपा गया। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
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ये है पांच सूत्रीय मांग
इन्द्रावती टाइगर रिजर्व कोर क्षेत्र के 76 गांव का विस्थापन/ पुनर्वास नहीं किया जाए, पांचवीं छटवीं अनुसूची पेशा लागू कानून को पूर्णता पालन करते हुए कॉरपोरेट अडानी अम्बानी को जमीन देना बंद किया जाए, जान देंगे पर जमीन नहीं यथावत रहेंगे, आदिवासियों को विकास के नाम विस्थापन करने बंद करो, जल जंगल जमीन परंपरा पर निर्भर रहकर निवासरत पुरखों ने पर्यावरण को दृष्टिगत रखते हुए बचेली से गढ़चिरोली रेल मार्ग प्रस्ताव रद्द किया जाए।