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Bijapur: दो सौ रुपये किराये वाले एक कमरे में संचालित हो रहे दो आंगनबाड़ी केंद्र, व्यवस्था पर उठ रहे सवाल

Sat, 20 Jul 2024 04:11 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला नेटवर्क, बीजापुर (छत्तीसगढ़)

सार

बीजापुर जिले के भोपालपटनम ब्लॉक के नेशनल हाईवे से महज दो किलोमीटर दूर सेंड्रापल्ली गांव पिछले 12 सालों से आंगनबाड़ी भवन न होने की बाटजोह रहा है।
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एक कमरे में संचालित हो रहे दो आंगनबाड़ी केंद्र - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बीजापुर जिले के भोपालपटनम ब्लॉक के नेशनल हाईवे से महज दो किलोमीटर दूर सेंड्रापल्ली गांव पिछले 12 सालों से आंगनबाड़ी भवन न होने की बाटजोह रहा है। इन दिनों यहां आंगनबाड़ी गोंडी चिन्ना के निजी मकान के एक ही कमरे में दो संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन किया जा रहा है।

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2011 से भवन नहीं होने के करण गोंडी चिन्ना के मकान के एक कमरे में पटेलपारा आंगनबाड़ी केंद्र का संचालन शुरू किया गया था। फिर उसी कमरे में 2020 में आंगनबाड़ी स्कूल पारा का भी संचालन किया जा रहा है। छोटे से कमरे में हो रहे दो आगनबाड़ी के संचालन से बड़ी दिक्कते हो रही हैं। कमरे के एक तरफ़ पटेलपारा कि आलमारी लगी हुई हैं, उसमे उस आंगनबाडी का सामन रखा हुआ हैं। दूसरी तरफ स्कूल पारा आंगनबाडी कि अलमारी तीन कि रेक लगी हुई हैं। उसमे उस आंगनबाडी का सामान रखा हुआ हैं। कार्यकर्ता सरिता कोरम ने बताया पटेलपारा आंगनबाड़ी में उनके  यहाँ 10 बच्चें 3 वर्ष से 6 वर्ष तक के हैं। वही 0 से 3 वर्ष के 12 बच्चे हैं और दो गर्भवती महिलाएं है। कार्यकर्ता अनीता नाग ने बताया कि उनके स्कूल पारा आंगनबाड़ी केंद्र में 11 बच्चे तीन से 6 वर्ष के हैं और 12 बच्चे 0 से 3 वर्ष के हैं तीन गर्भवती महिलाएं और एक शिशुवती व तीन किशोरी बालिकाएं है।

12 साल से आंगनबाड़ी भवन का इंतजार
2011 से सेंड्रापल्ली के एक निजी मकान मे आंगनबाडी लगाया जा रहा हैं। काफ़ी लम्बा समय बीत गया। मगर यह सरकारी आंगनबाडी भवन नहीं बनी हैं। ग्रामीणों को लम्बे समय से भवन का इंतजार हैं। हर माह 200 रुपया किराया देना पड़ता हैं। दोनों आँवानबाड़ी से सौ-सौ रुपये लेकर किराया देते हैं।
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घर के सामने आंगन में दलदल जैसा कीचड़ 
एक ही कमरे में संचालित हो रही आंगनबाड़ियों को बहुत दिक्कतो का सामना करना पड़ रहा है। घर के सामने आंगन में दलदल जैसा कीचड़ होता हैं। बच्चे आमने खेल भी नही सकते। गन्दगी कि वज़ह से मक्खी भी भीनभीनाती रहती हैं।

क्या कहते है सीडीपीओ
भोपालपटनम के सीडीपीओ हितेंद्र नागेसिया ने बताया कि पांच सालों से आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन  निजी घर के एक कमरे में संचालन हो रहा है। मैने भवन को लेकर उच्चाधिकारियों को अवगत करवाया हैं। लेकिन अभी तक भवन नही बना है। वही जनपद पंचायत के सीईओ दिलीप उईके ने बताया कि  18 जून को भोपालपटनम ब्लॉक के 20 नए आंगनबाड़ी केदो की स्वीकृति मिली है। जिसमें सेंड्रापल्ली पंचायत में तीन नए आंगनबाड़ी भवन बनने है। अभी इनका लेआउट भी दिया जा रहा है। भवन जल्द बनकर तैयार हो जाएगा।

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