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Bijapur: पंचायत सचिव भर्ती घोटाला मामला, सीईओ जिला पंचायत पर अपात्र उम्मीदवारों को संरक्षण देने का आरोप

Fri, 05 Jan 2024 06:36 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला नेटवर्क, बीजापुर

सार

पीड़ित उम्मीदवारों ने पूर्व मंत्री को भाजपा के घोषणा पत्र के पृष्ठ क्रमांक 39 भर्ती संबंधित गड़बड़ियों का उल्लेख का स्मरण कराते हुए सीईओ जिपं बीजापुर को प्रकरण से पृथक करने के साथ अपात्र अभ्यार्थियों के विरूद्ध अविलंब कार्रवाई करते न्याय की गुहार लगाई है।
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पीड़ितों ने पूर्व मंत्री से मिल लगाई न्याय की गुहार - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बीजापुर में सत्ता परिवर्तन होते ही अब से नौ साल पहले जिले में पंचायत सचिव भर्ती में हुआ घोटाला फिर सुर्खियों में आ गया है। मामला 2015 में भाजपा सरकार के कार्यकाल का है,लेकिन पीड़ित उम्मीदवारों को कांग्रेस सरकार के पांच साल के कार्यकाल में भी न्याय नहीं मिला। अब चूंकि भाजपा एक बार फिर सत्तासीन है, इसलिए पीड़ितों ने पूर्व मंत्री महेश गागड़ा के सामने घोटाले से जुड़ी जांच प्रतिवेदनों के आधार पर अविलंब कार्रवाई कर न्याय की गुहार लगाई है।

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आवेदक विकास कुमार मोरला, प्रताप सिंह सेमल, सुशील दुर्गम, गोविंदा मडकम द्वारा पूर्व मंत्री के नाम ज्ञापन में इस बात का जिक्र है कि वर्ष 2015 में फर्जी प्रमाण पत्र के जरिए कई अभ्यर्थियों को नियुक्ति प्रदान की गई थी। मामला संज्ञान में आने के बाद जिपं बीजापुर द्वारा उपसंचालक पंचायत की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच दल द्वारा प्रकरण की जांच की गई थी। इसी तरह कार्यालय कलेक्टर द्वारा भी संयुक्त कलेक्टर की अध्यक्षता में चार सदस्यीय जांच दल का गठन किया गया था। जांच में यह स्पष्ट हो गया था कि भर्ती में गड़बड़ियां हुई है। निःसंदेह स्वार्थवश अपात्र अभ्यार्थियों को फायदा पहुंचाने चयन समिति ने फर्जीवाड़े को अंजाम दिया था। नियम-निर्देशों तथा विज्ञापित पदों में आरक्षण रोस्टर को दरकिनार कर अपात्र उम्मीदवारों को नियुक्तियां प्रदान की गई थी।
 

पीड़ित पक्ष का कहना है कि दो-दो जांच प्रतिवेदनों के आधार पर आज कार्रवाई नहीं हुई है। आरोप है कि सीईओ जिपं द्वारा अपात्र अभ्यार्थियों को बचाने की कोशिश की जा रही है। जांच रिपोर्ट को दरकिनार कर सीईओ द्वारा नए सिरे से जांच बिठाने की बात कही गई है। इससे मामले में सीईओ जिपं की भूमिका भी संदेहास्पद है।

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पीड़ित उम्मीदवारों ने पूर्व मंत्री को भाजपा के घोषणा पत्र के पृष्ठ क्रमांक 39 भर्ती संबंधित गड़बड़ियों का उल्लेख का स्मरण कराते हुए सीईओ जिपं बीजापुर को प्रकरण से पृथक करने के साथ अपात्र अभ्यार्थियों के विरूद्ध अविलंब कार्रवाई करते न्याय की गुहार लगाई है।

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