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Pink Eye: पोटाकेबिन में 70 से ज्यादा छात्र-छात्राएं को आई फ्लू; डर के चलते बच्चों को घर ले जा रहे परिजन

Sun, 30 Jul 2023 10:03 PM IST
मोहनीश श्रीवास्तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बीजापुर

सार

Pink Eye: बीजापुर के भोपालपटनम क्षेत्र में स्थित पोटाकेबिन में पढ़ने वाले बच्चे कंजेक्टिवाइटिस (पिंक आई) के संक्रमण की चपेट में हैं। अब तक 70 से ज्यादा बच्चे संक्रमित हो चुके हैं।
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Pink Eye: आई फ्लू - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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छत्तीसगढ़ में बीजापुर के भोपालपटनम क्षेत्र में स्थित पोटाकेबिन में पढ़ने वाले बच्चे कंजेक्टिवाइटिस (पिंक आई) के संक्रमण की चपेट में हैं। अब तक 70 से ज्यादा बच्चे संक्रमित हो चुके हैं। इसके चलते परिजनों में डर इतना ज्यादा है कि वह पोटाकेबिन से उन्हें निकालकर घर ले जा रहे हैं। वहीं आंखों की बीमारी से ग्रसित इन बच्चों का उपचार चल रहा हैं। कुछ बच्चे ठीक भी हो चुके हैं। 

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सेंड्रापल्ली, पेगड़ापल्ली तारलागुड़ा व भोपालपटनम पोटाकेबिनों के 70 से ज्यादा बच्चे पिंक आई संक्रमण से ग्रसित हो गए हैं। वहीं तारलागुड़ा के 40 से ज्यादा बच्चों को उनके परिजन कंजेक्टिवाइटिस के डर से घर लेकर चले गए हैं। हालांकि सभी बच्चों का उपचार शुरू कर दिया गया हैं। इनमें से कुछ बच्चे ठीक भी हो गए हैं। डॉक्टर इससे बचने के उपाय भी बता रहे हैं। 

सेंड्रापल्ली पोटाकेबिन के अधीक्षक श्री प्रसाद ने बताया कि उनके यहां 50 बच्चे कंजेक्टिवाइटिस से ग्रसित हैं। उनका उपचार चल रहा हैं। वहीं तारलागुड़ा बालक पोटाकेबिन के अधीक्षक अल्वा गौरैया ने बताया कि अभी 10 बच्चे कंजेक्टिवाइटिस से पीड़ित हैं। अधीक्षक ने बताया कि इस बीमारी के डर से 40 से ज्यादा बच्चों को उनके परिजन घर लेकर चले गए हैं। पेगड़ापल्ली अधीक्षक बन्दम ने बताया कि उनकी संस्था में 6 बच्चे कंजेक्टिवाइटिस से पीड़ित हैं।
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बालिका पोटाकेबिन भोपालपटनम की अधीक्षिका चन्द्रा नागवंशी ने बताया कि उनके यहां भी अभी 6 बच्चियां इस बीमारी से ग्रसित है। उन्होंने ये संख्या बढ़ने की संभावना भी जताई हैं। बताया कि उनकी संस्था में 250 बच्चियां है जो एक छोटा भवन में संचालित हो रही है। ऐसे में कंजेक्टिवाइटिस का संक्रमण बढ़ सकता हैं। इस बारे भोपालपटनम बीआरसी मिर्ज़ा खान से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि उनके पास अभी तक इस तरह की जानकारी अधीक्षकों से नहीं आई हैं। 

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