उसूर ब्लॉक के अंतिम छोर पर बसे पामेड़ से लगे धर्मारम गांव के सरपंच पारा में 25 घर बाढ़ के पानी में डूब गए हैं। अब इन घरों के ग्रामीण बचे-खुचे सामान को लेकर पास के पटेलपारा में शरण लिए हुए हैं। गांव के चारों ओर पानी भरा होने से मार्ग बंद है। इसके चलते ग्रामीणों तक राहत नहीं पहुंच पा रही है। उसूर तहसीलदार फानेशवर सोम ने बताया कि उनके पास भी वीडियो व फोटोग्राफ के माध्यम से धर्मारम गांव के दो दर्जन घरों के डूबने की जानकारी मिली है। उन्होंने बताया कि चिंतावागु व तालपेरू नदी में बाढ़ आने से वहां के बैक वॉटर से धर्मारम गांव में पानी घुसा और वहां के घरों को नुकसान पहुंचा।
तहसीलदार ने बताया कि सभी तरफ से रास्ते बंद होने की वजह से वहां पहुंचा नहीं जा सका है। उन्होंने बताया कि रिलीफ टीम को पामेड़ से होकर धर्मारम भेजा जा रहा है। वहीं, धर्मारम ग्राम पंचायत के सचिव केजी राजकुमार ने बताया कि धर्मारम के सरपंच पारा व पूजारीपारा में गुरुवार को तालपेरु व चिंतावागु के बाढ़ का पानी घरों में घुस जाने से वहां के 25 मकानों के डूबने से क्षति हुई है। सचिव राजकुमार ने बताया कि धर्मारम में 164 मकान हैं। वहां की जनसंख्या 557 हैं। सचिव ने बताया कि सरपंच पारा के बाढ़ प्रभावित ग्रामीण पटेलपारा में रुके हुए हैं।
उन्होंने बताया कि धर्मारम गांव की ही एक 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला गुंडी मल्ली पत्नी रमैया की बीमारी के चलते मौत हो गई है। बाढ़ होने से बीमार महिला समय पर अस्पताल नहीं पहुंच सकी और उसकी मौत हो गई । सचिव ने बताया कि धर्मारम से लगे चिंतावागु, तालपेरु व छोटा नाला नाम की नदी पड़ती है। अभी इन तीनों ही जगहों पर पानी भरा हुआ है, जिसके चलते धर्मारम तक पहुंच पाना मुश्किल है। पानी उतरने के बाद प्रभावित गांव में पहुंचा जा सकेगा।
धर्मारम गांव के जिस सरपंच पारा व पुजारी पारा में बाढ़ के पानी ने तबाही मचाकर ग्रामीणों के घरों को नुकसान पहुंचा है, उनमें गुंडी कन्ना, गुंडी रामा, गोंडी कोंडइया, गुंडी लक्षमैया, गुंडी रमेश, गुंडी बुचैया, गुंडी भीमा, गुंडी सायन्ना, कारम वेंकट, कारम नागेश, कारम गुञ्जा, कारम पुल्ला, कारम सावेश, कारम मुत्ता, कारम कामा, कारम कन्ना, कारम हनुमन्त, कारम दिनेश, कारम रामा, पुनेम समैया, वेलकम लक्षमैया, वेलकम शामूर्ती, वेलकम लच्छा, गुंडी नरसिंग राव व गुंडी रामा शामिल हैं। इनमें गुंडी कन्ना का सबसे ज्यादा नुकसान होने की खबर है।