पूर्व वन मंत्री महेश गागड़ा स्थानीय लोगों के साथ
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पूर्व वन मंत्री महेश गागड़ा ने वन विभाग और ठेकेदारों की मिलीभगत से तेंदूपत्ता की तस्करी किये जाने का आरोप लगाया हैं। गागड़ा ने कहा कि टारगेट पूरा करने के लिए सरहद पार पड़ोसी राज्यो से तेंदूपत्ता यहां लाकर बेचा जा रहा है। इसका खुलासा तेंदूपत्ता खरीदी केंद्रों में निरीक्षण और संग्राहकों से बातचीत के बाद हुआ है।
शुक्रवार को पूर्व वनमंत्री महेश गागड़ा जिले के भोपालपटनम क्षेत्र के दौरे पर थे। यहां उन्होंने अलग-अलग तेंदूपत्ता खरीदी केंद्रों का निरीक्षण किया। खरीदी केंद्रों में उन्होंने संग्राहकों से बातचीत की और इसके बाद खुलासा हुआ। उन्होंने कहा कि खरीदी केंद्रों में सीमांध्र राज्य के लोग पत्ता लाकर यहां बेच रहे हैं। गागड़ा ने विभाग और ठेकेदार की मिलीभगत का आरोप लगाते हुए तेंदूपत्ता तस्करी किये जाने का आरोप लगाया है।
साथ उन्होंने कहा कि अब तक यहां से बेशकीमती सागौन लकड़ी की तस्करी हो रही थी। लेकिन अब पड़ोसी राज्यों से हरा सोना यानी तेंदूपत्ता की भी तस्करी की जा रही हैं। उन्होंने इस मामले में ठेकेदार पर कार्रवाई नहीं जाने पर विभाग की मौन सहमति करार दिया। गागड़ा ने कहा कि ठेकेदार अपना टारगेट पूरा करने के लिए बाहरी राज्य से पत्तों की खरीदारी कर रहे हैं। आखिर इतने दिनों से बाहर से पत्ता खरीदा जा रहा है। इस पर विभाग ने ध्यान क्यों नही दिया। इससे साफ जाहिर होता है कि विभाग ने ठेकेदार को नियमों को दरकिनार कर अनुमति दे दी है।
पूर्व मंत्री ने आगे कहा कि जब तिमेड़ में वनोपज जांच नाका लगा हुआ है। इसके बावजूद वहां से आए दिन पत्ता लाया जा रहा है।इसका चेकिंग क्यों नही किया जा रहा। इससे साबित होता है तेंदूपत्ता का यह खेल मिलीभगत से चल रहा है। वही अधिकारी विधिवत रूप से ट्रांसपोर्टिंग परमिट भी जारी करेंगे। वही इस बारे में वन विभाग भोपालपटनम के एसडीओ नीतीश रावटे ने बताया कि उन्हें भी इसकी सूचना मिली हैं। उन्होंने रेंजर को इसकी जांच के लिए कहा हैं।