बीजापुर के डिप्टी कलेक्टर दिलीप उइके पर एक महिला आरक्षक ने दुष्कर्म, आर्थिक शोषण और तीन बार गर्भपात कराने का आरोप लगाया है। जिला एवं सत्र न्यायालय द्वारा उनकी जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद भी आरोपी 17 दिनों से पुलिस की पकड़ से दूर है।
महिला आरक्षक ने मुख्य सचिव छत्तीसगढ़ शासन और बीजापुर कलेक्टर को पत्र लिखा है, जिसमें आरोपी को तुरंत निलंबित करने की मांग की गई है। पत्र में बताया गया है कि जैसे ही डौंडी थाने में मामला दर्ज हुआ, आरोपी ने बीमारी की आड़ लेकर छुट्टी लेकर फरार हो गया। पीड़िता का आरोप है कि पुलिस दबाव में आकर काम कर रही है।
पीड़िता ने आर्थिक शोषण के सबूत के तौर पर पुलिस को 126 पेज का बैंक स्टेटमेंट भी सौंपा है। वहीं, पुलिस अधीक्षक योगेश पटेल ने कहा है कि आरोपी की तलाश जारी है और जल्द ही गिरफ्तारी की जाएगी।