आदेश के बावजूद नहीं सौंपा गया सीईओ का प्रभार
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शासन के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद बीजापुर जिले के भोपालपटनम जनपद पंचायत में मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) की नियुक्ति को चार महीने बीत चुके हैं, लेकिन अब तक संबंधित अधिकारी को प्रभार नहीं सौंपा गया है। यह मामला न केवल नियमों की अवहेलना है, बल्कि प्रशासनिक मनमानी का भी जीवंत उदाहरण बन गया है।
20 दिसंबर 2024 में शासन द्वारा भोपालपटनम जनपद पंचायत में एक अधिकारी की विधिवत पदस्थापना की गई थी। बावजूद इसके, स्थानीय प्रशासन ने उन्हें अब तक कार्यभार नहीं सौंपा है। हैरानी की बात यह है कि वर्तमान में वहां डिप्टी कलेक्टर जनपद पंचायत के सीईओ का प्रभार संभाले हुए हैं,
शासन के आदेशों के अनुसार, यदि किसी जनपद पंचायत सीईओ को प्रभार से हटाकर किसी अन्य अधिकारी को यह जिम्मेदारी दी जानी है, तो इसके पूर्व शासन से अनुमोदन लेना अनिवार्य है। इस संबंध में प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने 11 अप्रैल 2025 को समस्त कलेक्टरों व जिला पंचायत सीईओ को स्पष्ट निर्देश जारी किए थे।
फिर भी, भोपालपटनम में शासन के आदेशों को ठेंगा दिखाते हुए पदस्थ अधिकारी को हाशिए पर रख दिया गया है। क्या एक अधिकारी की नियुक्ति सिर्फ कागजों में सीमित रह गई है? प्रशासन की इस लापरवाही से न केवल सुशासन की छवि धूमिल हो रही है, बल्कि स्थानीय विकास कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। साथ ही यह एक गम्भीर प्रशासनिक चूक भी है, जिस पर तत्काल संज्ञान लेने की आवश्यकता है।