फोर्स के कब्जे में कर्रेगुट्टा पहाड़ी: जवानों ने लहराया तिरंगा
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Bijapur Karregutta hills Naxal operation, kagar Naxal Operaion: छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग के नक्सल प्रभावित एरिया कर्रेगुट्टा में सुरक्षा बलों को बड़ी कामयाबी मिली है। लगातार चले नक्सल ऑपरेशन के आठवें दिन फोर्स ने उसूर ब्लॉक के कर्रेगुट्टा पहाड़ी पर कब्जा कर लिया। सघन सर्च ऑपरेशन के बाद फोर्स के जवान हेलीकाप्टर से पांच हजार फीट ऊंची कर्रेगुट्टा पहाड़ी पर उतरे। इसके बाद जवानों ने मोर्चा संभालकर तिरंगा लहराया। फिलहाल, पहाड़ी की चोटी पर खुले मैदान में सुरक्षा बलों का अस्थायी कैंप स्थापित कर दिया गया है, जहां सैकड़ों जवान डेरा जमाये हुए हैं। इधर, चर्चा है कि खूंखार नक्सली हिड़मा पहाड़ी और घने जंगलों के रास्ते तेलंगाना की ओर जान बचाकर भाग निकला है। हालांकि यह पूरी से पुष्ट नहीं है। ऑपरेशन को लेकर छत्तीसगढ़ की फोर्स मोर्चे पर तैनात है। इस बात की भी चर्चा है कि इस ऑपरेशन में तेलंगाना और आंध्रा की फोर्स का साथ नहीं मिल रहा है।
सूत्रों के अनुसार, नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना पर यहां ऑपरेशन लॉन्च किया गया था। अभियान में सीआरपीएफ, कोबरा बटालियन, एसटीएफ, डीआरजी और जिला पुलिस बल के विशेष दस्ते शामिल रहे। दुर्गम और ऊबड़-खाबड़ रास्तों से होकर गुजरते हुए सुरक्षा बल पहाड़ी तक पहुंचे, जबकि रसद और जवानों की टुकड़ियों को हेलीकॉप्टर के माध्यम से सीधे पहाड़ी पर उतारा गया।
अस्थायी कैंप से बढ़ेगी निगरानी
कर्रेगुट्टा की ये पहाड़ी नक्सली मूवमेंट के लिए बेहद अहम ठिकाना मानी जाती रही है। यहां से आस-पास के जंगली क्षेत्रों पर सीधी नजर रखी जा सकती है। सुरक्षा बलों ने इस जगह को अस्थायी कैंप में बदलते हुए निगरानी और ऑपरेशनल गतिविधियों को तेज कर दिया है। जानकारी के मुताबिक, इस क्षेत्र में पहली बार इतने बड़े स्तर पर सुरक्षा बलों की मौजूदगी बनी हुई है।
स्थायी चौकी बनाने पर विचार
सूत्रों का दावा है कि यहां एक स्थायी सुरक्षा चौकी (फॉरवर्ड ऑपरेटिंग बेस) स्थापित करने की योजना पर काम किया जा रहा है। इससे पूरे क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियानों को और भी मजबूती मिलेगी और ग्रामीणों में सुरक्षा की भावना और मजबूत होगी।
भयमुक्त हुए ग्रामीण, जताई राहत
इस कार्रवाई के बाद आस-पास के गांवों में भी स्थिति सामान्य होती दिख रही है। ग्रामीणों ने सुरक्षा बलों की इस ऑपरेशन का स्वागत किया है। उम्मीद जताई है कि अब इलाके में स्थायी शांति और विकास के रास्ते खुलेंगे।
जान बचाकर भागा खूंखार नक्सली हिड़मा!
ऐसी चर्चा है कि कर्रेगुट्टा ऑपरेशन के दौरान फोर्स के बढ़ते दबाव को देखते हुए खूंखार नक्सली हिड़मा घना जंगल और पहाड़ी के रास्ते तेलंगाना की ओर भाग गया है! हालांकि इस बारे में कोई पुख्ता जानकारी नहीं है।