बच्चों की शैक्षणिक गुणवत्ता, मध्यान्ह भोजन, शिक्षकों की नियमित उपस्थिति, एफएलएन की प्रगति, बच्चों की सर्वांगीण विकास का जायजा लिया गया। शिक्षा दूतों द्वारा बेहतर कार्य करने पर उनका उत्साहवर्धन भी किया गया।
बीजापुर कलेक्टर अनुराग पाण्डेय ने शिक्षा के महत्व को देखते हुए जिले के सुदूर अंचलों के नौनिहालों को शिक्षा की मुख्यधारा में जोड़ने उन्हे गुणवत्ता युक्त शिक्षा प्रदान करने, पौष्टिक आहार हेतु पर्याप्त मात्रा में मध्यान्ह भोजन प्रदान करने के साथ ही शासन की महत्वाकांक्षी योजना न्यौता भोज का आयोजन सामुदायिक सहभागिता से कराने के लिए जनमानस को प्रेरित करने के लिए विभाग को निर्देश दिए हैं।
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कलेक्टर के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी लगातार स्कूलों का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लेकर उनके व्यापक सुधार के लिए प्रयास कर रहे हैं। जिला शिक्षा बीआर बघेल पहली बार भोपालपटनम के अतिसंवेदनशील क्षेत्र कहे जाने वाले पुनः संचालित शालाओं के व्यवस्था जानने सेण्ड्रा और पिल्लूर पहुंचे। डीईओ बघेल ने बताया कि जिला शिक्षा अधिकारी के रुप में वह पहले अधिकारी हैं जो इस क्षेत्र में पहुंचे हैं। उनके साथ प्रवीण लाल कुडेम विकासखंड शिक्षा अधिकारी,सहायक परियोजना समन्वयक एम व्ही राव एवं पिल्लूर संकुल के सीएसी चंद्रशेखर अप्पाजी, सैंड्रा संकुल के सीएसी इंजा आनंद राव भी साथ में मौजूद रहे।
बच्चों की शैक्षणिक गुणवत्ता, मध्यान्ह भोजन, शिक्षकों की नियमित उपस्थिति, एफएलएन की प्रगति, बच्चों की सर्वांगीण विकास का जायजा लिया गया। शिक्षा दूतों द्वारा बेहतर कार्य करने पर उनका उत्साहवर्धन भी किया गया। दोनों संकुल के समस्त स्कूलों के सभी शिक्षक उपस्थित मिले। जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा कि ऐसे क्षेत्र के बच्चों की शिक्षा में विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
प्राथमिक शाला एडापल्ली में अविनाश तलाण्डी कक्षा चौथी के जन्म दिवस के अवसर पर उनके पालक द्वारा न्यौता भोज कराया गया। सभी अधिकारियों ने न्यौता भोज का आनंद लिया। इस दौरान बघेल ने विद्यार्थियों से आवश्यक चर्चा कर पढ़ाई, मध्यान्ह भोजन सहित अन्य सुविधाओं के बारे में विस्तृत जानकारी ली। भ्रमण के दौरान इन सुदूर क्षेत्रों में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के खाद्यान्न वितरण की जानकारी ग्रामीणों से ली। ग्रामीणों ने खाद्यान्न प्राप्त होने की जानकारी दी।