हनुमान चालीसा का पाठ करते हड़ताल पर बैठे संविदकर्मी।
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छत्तीसगढ़ के बीजापुर में हड़ताल पर बैठे संविदाकर्मियों ने मंगलवार को हनुमान चालीसा का पाठ किया। नियमितीकरण की मांग कर रहे कर्मचारियों ने कहा कि, कुंभकर्णीय नींद में सोई सरकार को जगाएंगे। साढ़े चार साल बीत गए, लेकिन वादा पूरा नहीं किया। कर्मचारियों ने कहा कि, सरकार नियमितीकरण को लेकर अपनी मंशा स्पष्ट करे। वहीं संविदा कर्मियों की इस हड़ताल का असर अब सरकारी कामकाज में दिखना शुरू हो गया है। दूर-दराज से आने वाले ग्रामीण परेशान हो रहे हैं।
सरकार की मंशा स्पष्ट नहीं दिखाई दे रही
कर्मचारियों ने कहा कि वर्ष 2018 में भी हम नियमितिकरण के लिए हड़ताल कर रहे थे। इसी तीन जुलाई के दिन कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और उपमुख्यमंत्री टीएस सिहदेव ने घोषणा की थी कि कांग्रेस की सरकार बनी तो 10 दिन में मांग पूरी करेंगे। उसके बाद कांग्रेस ने घोषणा पत्र में भी शामिल किया, लेकिन तीन जुलाई 2023 के दिन यानी 5 साल बाद हमको सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। सरकार की मंशा वादा पूरा करने की दिखाई नहीं दे रही है। उनको इसे स्पष्ट करना चाहिए।
सरकार की तरफ से संवादहीनता लोकतंत्र में चिंताजनक
महासंघ के जिलाध्यक्ष रमाकांत पुनेठा ने कहा कि हम संविदा कर्मचारियों से साढ़े चार साल में सरकार की तरफ से संवादहीनता की स्थिति है। पूरे प्रदेश में रथयात्रा निकाल कर 33 जिलों के कलेक्टर, कई कांग्रेस विधायकों और जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन देने के बाद भी संवाद कायम नहीं किया गया। यह लोकतंत्र में चिंताजनक और दुखद है। सरकार अपने वादे के अनुरूप हमें नियमितिकरण पर स्पष्ट रूप से मंशा जाहिर करे। कहा कि, सरकार अनुपूरक बजट में शामिल कर संविदा कर्मचारियों को नियमित करे।
आप ने दिया समर्थन
अपनी एक सूत्रीय मांग नियमितीकरण को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे संविदा कर्मियों के समर्थन में आम आदमी पार्टी भी उतर आई हैं। हड़ताल के दूसरे दिन मंगलवार को आम आदमी पार्टी की बीजापुर जिला इकाई ने आंदोलनरत कर्मियों के धरना स्थल पहुंचकर उनको अपना समर्थन दिया। कहा कि, सरकार को जल्द से जल्द इन कर्मचारियों की मांग को पूरा करना चाहिए। कांग्रेस अपने चुनावी घोषणापत्र में वादा करने के बाद भी सरकार इसे पूरा नहीं कर रही है।