बीजापुर में जिला निर्माण समिति द्वारा गंगालूर पंचायत में बन रहा उम्मीदों के पुल का स्लेब भरभराकर जमींदोंज हो गया। संयोग रहा की उस समय कोई मजदुर कार्य स्थल पर मौजूद नहीं था।इस पुल के स्लेब के गिरने के बाद गंगालुर और रेड्डी पंचायत के लोगों में भी मायूसी साफ दिखाई दे रही है। बतादें की गंगालूर पंचायत में गायतापारा से गुन्नापारा के मध्य 12 मीटर के इस पुल का निर्माण किया जा रहा था। इस पुल की लागत तक़रीबन 44 लाख है। इस पुल का निर्माण कांग्रेस की सरकार के समय जून माह से किया जा रहा था।
पुल के धाराशायी होने के बाद जिले में सियासी हलचल तेज:-
इस पुल के धाराशायी होने बाद जिले में सियासत भी तेज हो गई है। कांग्रेस के विधायक विक्रम मंडावी ने गुरुवार को प्रेसवार्ता रखी थी उन्होंने आरोप लगाया की इस पुल का निर्माण भाजपा नेता एवं गंगालूर सरपंच राजू कलमु कर रहे थे जिसमें भाजपा के नेता पर भारी भ्रष्टाचार करते हुए गुणवत्ताविहीन पुलिया निर्माण किया जिस वजह से पुलिया गिर गया। इस पुरे मामले की जांच के लिए जिला कांग्रेस कमेटी ने 8 सदस्यीय जाँच दल का भी गठन किया है।
वहीं विधायक के आरोपों का खंडन करते हुए गंगालूर के सरपंच व सामाजिक कार्यकर्ता राजू कलमु ने भी प्रेसवार्ता की उन्होंने कहा की विधायक ने मुझ पर आरोप लगाया की मैंने इस पुल का निर्माण किया जो की सरासर गलत है मेरे द्वारा इस पुल का निर्माण नहीं किया जा रहा। वहीं रही बात मेरे भाजपा नेता होने की तो मैंने अब तक भाजपा पार्टी में प्रवेश नहीं किया है। विधायक विक्रम मंडावी ने मुझ पर पहले भी बेबुनियाद आरोप लगाकर मुझे परेशान करने की कोशिश की थी अब भी मुझे भाजपा का नेता बता रहे है मुझे लगता है की विधायक मुझे भाजपा नेता साबित कर नक्सलियों द्वारा मेरी भी हत्या करवाना चाहते है। राजू कलमु ने कहा है की अगर मुझे या मेरे परिवार के साथ कोई भी घटना घटित होती है तो उसकी पूरी जवाबदारी कांग्रेस के विधायक विक्रम मंडावी की होगी। राजू ने विधायक को झूठे आरोप लगाकर उनकी छवि ख़राब करने के लिए उन्हें लीगल नोटिस भेजनें की बात भी प्रेसवार्ता में कही है।
गौरी इंटरप्राइजेस कर रही थी पुल का निर्माण :-
वहीं जिला निर्माण समिति से मिली जानकारी के अनुसार गंगालूर में 44 लाख की लागत से बन रही पुल का निर्माण गौरी इंटरप्राइजेस द्वारा किया जा रहा था। वहीं इस पुल निर्माण में इस कंपनी ने कोई लापरवाही की है या किसी तरह के भ्रष्टाचार को अंजाम दिया है यह जाँच का विषय है और इस फर्म पर जिला प्रशासन क्या कार्यवाही करती है ये आने वाला वक्त बताएगा।
पुल निर्माण से मिलेगी लोगों को राहत :-
वहीं इस जगह पर काफ़ी सालों से पुल निर्माण के लिए गंगालूर और रेड्डी गांव के लोग मांग कर रहे थे क्यूंकि बरसात के दिनों में और आम दिनों में लोगों को आने जाने में काफ़ी समस्याओं का सामना करना पड़ता था, स्कूली बच्चों को भी स्कूल जाने में काफ़ी दिक्क़ते होती थी। ऐसे में इस पुल से आने जाने के लिए यहाँ के लोगों को और इंतजार करना पड़ेगा।
वहीं 44 लाख की भारी भरकम लागत से बन रहे इस पुल की देखरेख जिन अधिकारी, कर्मचारियों पर थी क्या उन्होंने भी इस पुल निर्माण पर और उसकी गुणवत्ता पर ध्यान नहीं दिया जिस वजह से यह उम्मीदों का पुल जमींदोंज हो गया।
कलेक्टर अनुराग पाण्डेय ने इस पुल के स्लैब गिरने के संबध में कहा है की यह पुल अभी निर्माणाधीन अवस्था में है। सम्बंधित फर्म को भुगतान नहीं किया गया है। सम्बंधित विभाग के अधिकारी कर्मचारी इसकी जांच कर रहे है अगर किसी भी प्रकार की कोई लापरवाही हुई है तो कार्यवाही की जाएगी।