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Bijapur: विधायक मंडावी बोले- भाजपा महिला आरक्षण नहीं, परिसीमन विधेयक पास कराना चाहती थी

Mon, 20 Apr 2026 03:30 PM IST
बीजापुर ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, बीजापुर

सार

बीजापुर जिला कांग्रेस कमेटी की प्रेस वार्ता हुई। जिसमें विधायक विक्रम मंडावी ने भाजपा पर आरोप लगााया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार महिला आरक्षण के नाम पर भ्रम फैला रही है।
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प्रेस वार्ता में विधायक विक्रम मंडावी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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विधायक विक्रम मंडावी ने केंद्र की भाजपा सरकार पर महिला आरक्षण के मुद्दे पर देश की महिलाओं के साथ भ्रम फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी महिलाओं के अधिकार, सम्मान और राजनीतिक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए सदैव प्रतिबद्ध है। महिला आरक्षण को तुरंत लागू करने की कांग्रेस की स्पष्ट इच्छाशक्ति उसके विचारों में झलकती है।

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मंडावी ने भाजपा के इस दावे को झूठ बताया कि कांग्रेस और विपक्षी दलों ने महिला आरक्षण विधेयक का समर्थन नहीं किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 (106वां संविधान संशोधन) संसद के दोनों सदनों में पारित होकर कानून बन चुका है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इस पर हस्ताक्षर किए हैं। विधायक ने बताया कि 16 अप्रैल 2026 को भाजपा सरकार द्वारा संसद में पेश किया गया 131वां संविधान संशोधन विधेयक महिला आरक्षण से संबंधित नहीं था।

भाजपा महिला आरक्षण को मुखौटा बनाकर परिसीमन संशोधन विधेयक और केंद्र शासित प्रदेश कानून संशोधन विधेयक पास कराना चाहती थी। इस विधेयक में लोकसभा की कुल सीटें बढ़ाकर 850 करने का प्रस्ताव था। इसमें परिसीमन के लिए 2011 की जनगणना को आधार बनाने का प्रावधान भी था। देश के कई दक्षिणी राज्यों को इस परिसीमन विधेयक पर आपत्ति थी, जिससे यह पारित नहीं हो सका।
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महिला आरक्षण लागू करने में देरी पर सवाल
विधायक मंडावी ने पूछा कि यदि सरकार महिला आरक्षण को तुरंत लागू करना चाहती है तो परिसीमन का इंतजार किए बिना वर्तमान सदस्य संख्या में ही 33 फीसदी आरक्षण क्यों नहीं दिया जा रहा। कांग्रेस सहित सभी विपक्षी दल इसके लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि सरकार 2023 के नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन कर महिला आरक्षण को तुरंत लागू कर सकती थी। वर्तमान कानून के अनुसार यह आरक्षण 2036 से प्रभावी होगा।

कांग्रेस का महिला आरक्षण को समर्थन
मंडावी ने जोर देकर कहा कि कांग्रेस महिला आरक्षण की प्रबल समर्थक है। राजीव गांधी ने 1989 में पंचायतों और नगर पालिकाओं में महिलाओं को एक तिहाई आरक्षण देने का विधेयक पेश किया था। बाद में पीवी नरसिम्हा राव की सरकार ने इसे कानून बनाया। डॉ. मनमोहन सिंह की सरकार में संसद और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक तिहाई आरक्षण का विधेयक राज्यसभा में पारित हुआ था। कांग्रेस के प्रयासों से आज देशभर में पंचायतों और स्थानीय निकायों में 15 लाख से अधिक महिलाएं निर्वाचित प्रतिनिधि के रूप में कार्य कर रही हैं।

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