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छत्तीसगढ़: बघेल ने पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी घटाने के केंद्र के फैसले को बताया गलत, कहा- हमें 500 करोड़ का नुकसान होगा

Mon, 23 May 2022 04:18 PM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला ब्यूरो, रायपुर

सार

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, वह वित्त मंत्री की बात से सहमत नहीं हैं। उनका जो बयान आया है कि राज्यों को कोई नुकसान नहीं होगा, यह मुझे समझ नहीं आया।
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सीएम भूपेश बघेल - फोटो : ANI
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विस्तार
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बढ़ती महंगाई की मार झेल रहे लोगों को केंद्र सरकार ने शनिवार (21 मई) को राहत देते हुए पेट्रोल पर आठ रुपये और डीजल पर छह रुपये केंद्रीय उत्पाद शुल्क (एक्साइज ड्यूटी) कम कर दी। जिस पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का बयान सामने आया है। उनका कहना है कि केंद्र सरकार के इस कदम से छत्तीसगढ़ सरकार को 500 करोड़ का नुकसान होगा।

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दरअसल, केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोल और डीजल पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क में कटौती के बाद विपक्ष का कहना है कि इससे राज्यों को नुकसान होगा। जिसपर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि ऐसा कुछ नहीं होगा।
 
वित्त मंत्री को जवाब देते हुए बघेल ने कहा, वह उनकी बात से सहमत नहीं हैं। उनका जो बयान आया है कि राज्यों को कोई नुकसान नहीं होगा, यह मुझे समझ नहीं आया। यदि केंद्र सरकार केंद्रीय उत्पाद शुल्क में कटौती करती है तो इससे राज्यों को मिलने वाले 42 प्रतिशत हिस्से में भी कमी आएगी। इसका मतलब हमारे हिस्से में भी कमी आएगी।
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सीएम बघेल का कहना है कि अगर पेट्रोल-डीजल के दाम गिरते हैं तो वैट में भी गिरावट देखने को मिलती है। हमारे यहां 24 प्रतिशत वैट है और जो कीमत कम होगी हमें उसका 24 प्रतिशत ही वैट मिलेगा। ऐसे में हमें 500 करोड़ का नुकसान होगा। ऐसे में केंद्र सरकार को लगाया गया सेस वापस ले लेना चाहिए। पेट्रोल-डीजल पर लगाए गए 4 प्रतिशत सेस को हटाना चाहिए। यूपीए सरकार के समय केंद्रीय उत्पाद शुल्क 3 रुपये और 9 रुपये था। अगर केंद्र सरकार इसी दर पर एक्साइज ड्यूटी को ले आती है तो पूरे देश में पेट्रोल और डीजल सस्ता हो जाएगा।
 
हरदीप पुरी ने विपक्ष पर साधा निशाना
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि मैं विपक्षी नेताओं के बयानों से आश्चर्य में नहीं हूं। राजस्थान, महाराष्ट्र और केरल के वरिष्ठ नेता जिस तरह श्रेय लेने की होड़ लगाए हुए हैं और केंद्रीय वित्त मंत्री द्वारा केंद्रीय उत्पाद शुल्क में कटौती के फैसले पर राजनीति करने की कोशिश कर रहे हैं, यह नई बात नहीं है। वे जनता को गुमराह नहीं कर पाएंगे।

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