वादों को पूरा करने के लिए धन की व्यवस्था करने के सवाल पर बघेल ने कहा कि 'घोषणा पत्र पांच साल के लिए है। यदि एक ही दिन में सभी घोषणाओं को पूरा करेंगे तो इसके लिए बजट कहां से आएगा। जो संसाधन है उससे वादों को पूरा किया जाएगा। चाहे वह शराबबंदी का मामला हो, कर्मचारियों के नियमितीकरण का मामला हो, शिक्षाकर्मियों की बात हो या बिजली बिल आधा करने की बात हो।'
मंत्रिमंडल के चयन के सवाल पर उन्होंने कहा कि सभी वरिष्ठ और अनुभवी नेता जीतकर आए हैं। लेकिन वह जानते हैं कि मुख्यमंत्री समेत 13 सदस्यों की बाध्यता है। तीन की नियुक्ति हो गई है अब 10 और लेने हैं। जो नहीं बन पाएंगे दूसरे क्षेत्रों में उनके अनुभव का लाभ लिया जाएगा। उन्हें संगठन की और निगम मंडल की जिम्मेदारी दी जाएगी जिससे गुणवत्ता पूर्वक काम हो सके।
सरकार बदले की भावना से काम नहीं करेगी इस बारे में पूछे जाने पर बघेल ने कहा कि 'पिछली सरकार ने मुझ पर व्यक्तिगत रूप से हमला किया। उसका परिणाम यह हुआ कि 15 साल की सरकार 15 सीट में सिमट गई। उसकी सजा जनता ने दे दी है, मुझे कुछ करने की जरूरत नहीं है। लेकिन नसबंदी कांड, नान घोटाला समेत जो गड़बड़ियां हुईं है इनकी जांच होगी और दोषियों पर कार्रवाई होगी।' सरकार के कामकाज को लेकर मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि सरकार गढ़बो छत्तीसगढ़ की परिकल्पना को लेकर आगे बढ़ेगी। इसके लिए चुस्त-दुरुस्त प्रशासन होना चाहिए और कोई भी आदमी काम लेकर किसी भी दफ्तर में जाए वहां उनका काम नहीं रुकना चाहिए।