छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल ने सोमवार की शाम को विधानसभा रायपुर उत्तर में भेंट-मुलाकात कार्यक्रम के तहत पंडरी ऑक्सीजोन स्थित कांग्रेस के दिगग्ज दिवंगत नेता नंदकुमार पटेल की आदमकद प्रतिमा का अनावरण किया। इस दौरान पटेल की प्रतिमा पर फूल अर्पित कर उन्हें नमन किया।
मुख्यमंत्री ने प्रतिमा का अनावरण करने के बाद कहा कि शहीद नंदकुमार पटेल की स्मृति को चिरस्थाई बनाने के लिए शहीद नंदकुमार विश्वविद्यालय स्थापित किया गया। नंदकुमार पटेल किसान, मजदूर, आदिवासी, महिला, युवाओं के अधिकारों के लिए सदैव मुखर रहे। वे सहज, सरल और कर्मठ स्वभाव के थे और छत्तीसगढ़ के विकास के लिए सदैव तत्पर रहे। उन्होंने जिस समृद्ध छत्तीसगढ़ की संकल्पना की थी, आज छत्तीसगढ़ उसी दिशा में आगे बढ़ रहा है। सभी वर्गो के उत्थान और कल्याण के लिए हमारी सरकार किए जा रहे कार्यों से सकारात्मक परिवर्तन आया है और यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।
ये रहे मौजूद
इस अवसर पर कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे, उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल, वन मंत्री मोहम्मद अकबर, नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया, छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष कुलदीप जुनेजा, विधायक अनिता योगेन्द्र शर्मा, रायपुर महापौर एजाज ढेबर, सभापति प्रमोद दुबे समेत आदि कांग्रेस नेता मौजूद रहे।
जानें, इस प्रतिमा की खासियत
रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड की ओर से स्थापित पंच धातु से निर्मित इस प्रतिमा का वजन 400 किलोग्राम और ऊंचाई 9 फीट है। प्रतिमा स्थल के सौंदर्यीकरण के लिए आकर्षक रोशनी व्यवस्था के अलावा मिनी उद्यान भी तैयार किया गया है। बैठक व्यवस्था के साथ ही रेड सैण्ड स्टोन से इस स्थल को खूबसूरती दी गई है। इस कार्य की कुल लागत 80 लाख रुपए है।
कौन थे नंदकुमार पटेल
छत्तीसगढ़ के पहले गृहमंत्री नंदकुमार पटेल का जन्म 8 नवंबर 1953 को रायगढ़ के ग्राम नंदेली में हुआ था। कृषक परिवार से ताल्लुक रखने वाले पटेल के मन कर्म एवं वचन से ठेठ छत्तीसगढ़िया संस्कारों की झलक साफ दिखाई देती थी। गांव को खुशहाली, तरक्की व संसाधनों से जोड़ने उनके सद्प्रयासों की झलक न केवल उनके गांव नंदेली, बल्कि हर उस अंचल में दिखाई देती है, जहां पटेल अपने आत्मीय व्यवहार कुशलता के बीच पहुंचते रहे। गांव के सरपंच से केबिनेट मंत्री और अन्य सभी उच्च आसीन पदों को सुशोभित करते हुए उन्होंने अपनी ईमानदारी, परिश्रम व सहजता से हमेशा पद का मान बढ़ाया। वे खरसिया विधानसभा से 5 बार विधायक निर्वाचित हुए। अविभाजित मध्यप्रदेश के मंत्रीमंडल में सम्मानित सदस्य रहें एवं छत्तीसगढ़ गठन के बाद राज्य के पहले गृह मंत्री बने। समाज के अंतिम व्यक्ति के उत्थान का लक्ष्य लेकर पटेल सदैव राजनैतिक व सामाजिक रूप से अत्यधिक प्रतिष्टित रहें। 25 मई 2013 को झीरम घाटी में हुए नक्सली हमले में उनका निधन हो गया।