राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम में चिरायु योजना से सारंगढ़ के मासूम भावेश के हृदय का सफल इलाज हुआ। सारंगढ़ के चिरायु दल की ओर से स्कूल में स्वास्थ्य परीक्षण से भावेश के हृदय की गंभीर बीमारी का पता चला था। चिरायु योजना से रायपुर में आपरेशन सफल हुआ है।
चिरायु दल ने शासकीय प्राथमिक शाला कलमी में पढ़ने वाले भावेश को आगे की जांच के लिए रायपुर रिफर किया था। इलाज में आने वाले बड़े खर्च को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उनके परिवार को चिरायु योजना के उपचार के लिए बताया था। रायपुर के एसएमसी अस्पताल में 23 मार्च को भर्ती होने के बाद 1 अप्रैल को ऑपरेशन किया गया। उसे बेहतर इलाज मिला। अब सेहत में काफी सुधार है।भावेश के पिता लक्ष्मण यादव ने कहा कि सारंगढ़ की चिरायु टीम ने स्कूल में उनके बेटे की जांच कर जानकारी दी कि भावेश के दिल में छेद है। चिरायु दल और स्कूल के शिक्षकों ने मार्गदर्शन कर मनोबल बढ़ाया और शासन की योजना से बेहतर इलाज मिला।
चिरायु योजना से बच्चों को निःशुल्क उपचार
उन्होंने बताया कि अब भावेश तेजी से स्वस्थ हो रहा है। उन्होंने बेटे के गंभीर हृदय रोग के निःशुल्क इलाज के लिए राज्य शासन, चिरायु दल और स्कूल के शिक्षकों के प्रति आभार जताया है। चिरायु योजना ने उनकी बड़ी आर्थिक समस्या हल करने के साथ ही बेटे को सेहतमंद भी कर दिया है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत चिरायु योजना के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग ने स्कूलों और आंगनबाड़ियों में बच्चों के स्वास्थ्य का परीक्षण किया जाता है। इलाज की जरूरत वाले बच्चों को निःशुल्क उपचार भी उपलब्ध कराया जाता है।