छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में सरकारी नौकरी लगाने के नाम पर एक युवती के साथ 3.99 लाख रुपये की ठगी हो गई। आरोपी ने युवती को पीएचई विभाग में कंप्यूटर ऑपरेटर बनाने का झांसा दिया था। खास बात यह है कि झांसा देने वाला खुद मैकेनिकल है। नौकरी और रुपये नहीं मिलने पर युवती ने आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। मामला बेरला थाना क्षेत्र का है।
थाना प्रभारी नसीर खान ने बताया कि बेरला निवासी निधि त्रिपाठी की करीब तीन साल पहले दुर्ग के सुभाष नगर निवासी कंप्यूटर मैकेनिक अरशद कुरैशी से पहचान हुई। उसका बेरला में आना-जाना होता था। आरोपी अरशद कुरैशी ने दावा किया था कि उसका लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (पीएचई) के बड़े अधिकारियों से पहचान है। युवती को पीएचई विभाग में कंप्यूटर ऑपरेटर की नौकरी पर लगवा सकता है। इसके लिए 5.50 लाख रुपये देना होगा।
आरोपी की बातों में आकर युवती ने 22 जून 2021 से 8 मार्च 2022 तक किश्तों में उसके बैंक खाता में 5 लाख 44 हजार रुपये जमा किए। एक साल बीत जाने के बाद भी नौकरी नहीं लगी। इसके बाद युवती ने आरोपी से रुपये वापस मांगे तो उसने वर्ष 2022 में 1.45 लाख वापस किए। बाकी रुपयों के लिए बार-बार कहने पर आरोपी ने एक बार 1.55 व 2 लाख रुपये का चेक दिया, पर वो भी बाउंस हो गया।