विवादों में रही नीट की परीक्षा बालोद जिले के दल्ली राजहरा शहर के डीएवी विद्यालय में संपन्न हुई। 185 बच्चों के लिए यह परीक्षा बालोद जिले में पुनः आयोजित की गई थी लेकिन यहां पर केवल 115 बच्चे ही इस परीक्षा में शामिल हुए।
विवादों में रही नीट की परीक्षा बालोद जिले के दल्ली राजहरा शहर के डीएवी विद्यालय में संपन्न हुई। 185 बच्चों के लिए यह परीक्षा बालोद जिले में पुनः आयोजित की गई थी लेकिन यहां पर केवल 115 बच्चे ही इस परीक्षा में शामिल हुए। बच्चे आत्मविश्वास से परिपूर्ण नजर आ रहे थे बच्चों ने कहा कि पिछली बार गलतियां हुई थीं या अव्यवस्था हुई थी लेकिन इस बार हमने बहुत अच्छे ढंग से परीक्षा दिया है। बच्चों ने यह भी कहा कि जो बचे हुए बच्चे हैं उन्हें भी मौका मिलना था।
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आपको बता दें कि बार केवल 115 बच्चे ही इस परीक्षा में शामिल हुए थे बच्चों ने बताया कि इस बार बेहतर ढंग से मौका मिला और हमने बहुत अच्छे से परीक्षा दिलाया है पिछले बार जो व्यवस्थाएं थी वह व्यवस्थाएं इस बार सामना करने को नहीं मिला इसलिए हम बहुत बेहतर ढंग से इस परीक्षा को दिला पाए हैं।
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व्यवस्था में सुधार
आपको बता दे कि परीक्षा को संपन्न करने के लिए सुबह से ही प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन की टीम मौजूद रही सुबह से कड़ी सुरक्षा के बीच प्रश्न पत्र को एग्जाम सेंटर में लाया गया और बच्चों की बारीकी से जांच की गई और जो रिस्ट्रिक्टेड सामग्रियां थी उन्हें अंदर नहीं ले जाने दिया गया समय का पूरी तरह ख्याल यहां पर रखा गया यहां तक की कान की बालियान तक उतार दी गई।
मेडिकल क्षेत्र की सबसे बड़ी परीक्षा नित जो की बालोद में पहली बार आयोजित हुई थी तो यहां पर वास्तविक प्रश्न पत्र को न देखकर अतिरिक्त प्रश्न पत्र को दे दिया गया था 45 मिनट बाद जब कर्मचारियों को गलती का एहसास हुआ तो पुणे दूसरा पेपर उन्हें बनाने के लिए दिया गया इसके बाद बच्चों को शांत रखना अतिरिक्त समय देने की बात कही गई लेकिन उन्हें अतिरिक्त समय नहीं दिया गया इसके बाद केंद्र अध्यक्ष ने अपनी गलती से गाड़ी की और लिखकर दिया था जिसके बाद पैरंट्स ने हाई कोर्ट का दरवाजा कट कराया था जिसके बाद आज पुणे नीट की परीक्षा को बालोद में आयोजित किया जा रहा है लेकिन केवल 185 बच्चों को ही मौका मिला जिसमें से 114 बच्चे शामिल हुए ।