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सरपंच की डर्टी डिमांड: 'मुझे पैसे नहीं कुछ और चाहिए', फोन कर पीड़िता से बोला, मोबाइल रिकॉर्ड खंगाल रही पुलिस

Wed, 28 May 2025 09:12 AM IST
अनुज कुमार अमर उजाला नेटवर्क, बालोद

सार

बालोद जिले में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। जहां एक सरपंच ने महिला को आंगनबाड़ी सहायिका पद की भर्ती के लिए अश्लील डिमांड की है। नाम लिस्ट चस्पा होने से पहले सरपंच ने महिला को फोन कर अपनी डिमांड बताई। 
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थाने पहुंची पीड़ित महिला - फोटो : अमर उजाला
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बालोद जिले में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। जहां एक सरपंच ने महिला को आंगनबाड़ी सहायिका पद की भर्ती के लिए अश्लील डिमांड की है। नाम लिस्ट चस्पा होने से पहले सरपंच ने महिला को फोन कर अपनी डिमांड बताई। 

बालोद

जिले के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के एक गांव से ऐसा मामला सामने आया है। आंगनबाड़ी सहायिका पद की भर्ती के लिए सरपंच ने महिला से पैसे तो मांगे वो भी कलेक्टर और अन्य अधिकारी का नाम लेकर वहीं गरीब महिला जो कि विधवा है। उससे अश्लील डिमांड भी कर डाली।
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महिला के घर में कोई भी पुरुष नहीं है। अपने तीन छोटे बच्चों और सास के साथ अकेली रहती है। महिला ने काम करने के उद्देश्य से आंगनबाड़ी सहायिका के पद पर भरा था। नाम लिस्ट चस्पा होने के ठीक पहले सरपंच ने महिला को फोन कर इस तरह उल जलूल डिमांड की महिला ने कुछ बातचीत के अंश भी रिकॉर्ड कर रखें हैं। पूरे मामले में रिकॉर्डिंग की जांच और पीड़िता की शिकायत के आधार पर आरोपी सरपंच के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।

थाने पहुंची पीड़ित महिला
अब पूरा मामला थाने पहुंच चुका है और पीड़ित महिला ने थाने में शिकायत दर्ज कराई है, महिला ने बताया कि सरपंच ने कहा पैसे दो या मेरे साथ वो सब करो लेकिन मैं इतनी गिरी हुई नहीं हूं कि इस तरह नौकरी के लिए किसी के साथ गलत काम करने लग जाऊं। पीड़ित महिला ने बताया कि वो सरपंच को कड़ा जवाब देना चाहती हूं। भले गरीब हूं लेकिन सम्मान के लिए लड़ना गलत नहीं है। कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग कर रही हूं और थाने में शिकायत दर्ज करा रही हूं। पूरा मामला ग्राम पड़कीभाट के सरपंच का है। पुलिस द्वारा भारतीय न्याय संहिता की धारा 62, 75(2) और 318 (3) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है।
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मोबाइल रिकॉर्ड की जांच
पीड़ित महिला ने बताया कि 14 मई को 5 बजकर 35 मिनट पर सरपंच लुपेंद्र भोला यादव का सबसे पहला फोन आया था और वो कहने लगा क्या दोगी मुझे, जिसके बाद पुलिस ने रिकॉर्डिंग को सत्यापित कर रही हुआ वॉयस में कहा गया है कि मैने तुम्हे नौकरी में लगा दिया है। तुम्हारा जीवन बना दिया है। मुझे पैसे नहीं चाहिए। मुझे तुम क्या दे सकती हो ये बताओ। मुझे पैसे नहीं कुछ और चाहिए। तुम समझदार हो समझ सकते हो। जिसके बाद जब मैने मना किया तो वो घर में आकर 15 हजार रुपए की मांग करने लगा और कहने लगा कि कलेक्टर और महिला बाल विकास अधिकारी सभी को पैसे देने पड़ते हैं। ये सब आम बात है। चलता है। अधिकारी भी पैसे लेते हैं। क्या कभी कोई बताता है।
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