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विधानसभा की कार्यवाही बुधवार तक के लिए स्थगित: दिवंगत विधायक विद्यारतन और भानुप्रताप को दी गई श्रद्धांजलि

Tue, 18 Jul 2023 02:16 PM IST
ललित कुमार सिंह अमर उजाला ब्यूरो, रायपुर

सार

छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन आज बीजेपी के दिवंगत विधायक विद्यारतन भसीन और पूर्व कैबिनेट मंत्री भानुप्रताप सिंह को श्रद्धाजंलि दी गई। इसके बाद सदन की कार्यवाही बुधवार तक के लिए स्थगित कर दी गई है। 
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छत्तीसगढ़ विधानसभा, रायपुर - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन आज बीजेपी के दिवंगत विधायक विद्यारतन भसीन और पूर्व कैबिनेट मंत्री भानुप्रताप सिंह को श्रद्धाजंलि दी गई। इसके बाद सदन की कार्यवाही बुधवार तक के लिए स्थगित कर दी गई है। 19 जुलाई को सुबह 11 बजे फिर से सदन की कार्यवाही शुरू होगी।

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इसके पहले छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत की अध्यक्षता में आज मंगलवार को कार्य मंत्रणा समिति की बैठक आयोजित की गई। विधानसभा के समिति कक्ष में कार्य मंत्रणा समिति की बैठक रखी गई। इसमें सीएम भूपेश बघेल, डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव, नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल सहित समिति के सदस्य उपस्थित रहे। विधानसभा के मानसून सत्र के प्रथम दिन विधानसभा अध्यक्ष डॉ.चरणदास महंत, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उप मुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव कार्य समिति की बैठक में भाग लेने विधानसभा परिसर स्थित समित कक्ष की ओर रवाना हो गए। 

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सीएम भूपेश बघेल ने विद्यारतन भसिन को लेकर कहा कि उनका स्वास्थ्य खराब था, तो मैं उनसे मिलने अस्पताल गया था। वह बिल्कुल सहज और बातचीत भी कर रहे थे। यह नहीं लगा कि किसी बीमारी से जूझ रहे हैं, जबकि ब्रेन में कैंसर पहुंच चुका था। डॉक्टर ने पहले बताया तो मैं मिलने गया था। मिला तो मुझे शंका हुई की बीमारी है भी कि नहीं क्योंकि बातचीत में व्यवहार में बिल्कुल वह सामान्य व्यवहार कर रहे थे। बीमारी बहुत गंभीर थी, लेकिन उनका व्यवहार सहज था। भसीन के जाने से विधानसभा को जो क्षति पहुंची है, उसकी भरपाई नहीं हो पाएगी।
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सीएम भूपेश ने पूर्व कैबिनेट मंत्री भानुप्रताप को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि भानुप्रताप जी ने रायगढ़ कला संस्कृति की परंपरा को आगे बढ़ाया। उसके साथ-साथ समाजसेवा के क्षेत्र में भी लगातार सक्रिय रहे। इंटक में भी मजदूर संगठन से जुड़े रहे। आदिवासियों के लिए भी एक संगठन बनाया, उस के माध्यम से ट्रांसपोर्ट और सामाजिक क्षेत्र में भी सक्रिय रहे। दोनों नेताओं के जाने से छत्तीसगढ़ को क्षति हुई है, जिसकी भरपाई नहीं की जा सकती।

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