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Ambikapur: विधायक चिंतामणी महाराज का विरोध, डिप्टी सीएम बोले- बंद हो गई थी दुआ सलाम, नहीं दे सकता भरोसा

Mon, 28 Aug 2023 01:53 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला नेटवर्क, अंबिकापुर

सार

डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने कहा कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के सत्तासीन होने के बाद जब राजनीतिक परिस्थितियां बदलीं तो लोगों के व्यवहार में भी बदलाव नजर आया।
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लोगों को संबोधित करते डिप्टी सीएम - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बलरामपुर जिले के राजपुर में डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव के भेंट मुलाकात कार्यक्रम में सामरी क्षेत्र के कांग्रेस ब्लाक कमेटियों के अध्यक्ष, पदाधिकारियों के साथ ही जिला पदाधिकारियों ने सामरी विधायक चिंतामणी महाराज पर जमकर भड़ास निकाली। संसदीय सचिव चिंतामणि महाराज से संगठन की दूरी पहले ही सार्वजनिक थी। टीएस सिंहदेव ने पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं की सुनने के बाद अपने भाषण में स्पष्ट किया कि वे सामरी विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेस कार्यकर्ताओं को यह भरोसा नहीं दे सकते कि सबकुछ बेहतर होगा। इसी मंच पर उन्होंने रामानुजगंज विधायक बृहस्पति सिंह पर भी जमकर हमला बोला था।

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टीएस सिंहदेव के समक्ष बलरामपुर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष व पदाधिकारियों सहित सामरी विधानसभा क्षेत्र के राजपुर, शंकरगढ़, कुसमी व चांदो ब्लाक अध्यक्षों सहित पदाधिकारियों ने भड़ास निकालते हुए कहा कि सामरी विधायक चिंतामणी महाराज ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को ही प्रताड़ित किया। कार्यकर्ताओं ने यहां तक कहा कि हम टीएस सिंहदेव के समर्थक थे, इसलिए हमारा कामकाज रोक दिया गया। अपने लोगों को परेशान किया गया। जेल भेजने की धमकी दी गई। आजीविका पर चोट पहुंचाया गया। कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने तो चिंतामणि महाराज को गले की हड्डी की संज्ञा देते हुए इस बार बाहर निकालने तक के लिए कह दिया। डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने स्पष्ट कर दिया कि अब वे इस स्थिति में नहीं हैं कि सामरी क्षेत्र के लोगों को भरोसा दिला सकें कि वे सब कुछ बेहतर होगा।


लुंड्रा सीट हार जाते, इसलिए दिलाई सामरी से टिकट

चिंतामणी महाराज को लेकर डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने सार्वजनिक तौर पर स्पष्ट किया कि वर्ष 2013 से कांग्रेस के लोगों के कहने पर वे चिंतामणी महाराज को साथ लेकर आए थे। उन्हें लुंड्रा से टिकट दी गई और वे विधायक बनें। वर्ष 2018 में लुंड्रा के लोगों ने उनका विरोध कर दिया। हम लुंड्रा सीट हार जाते इसलिए सामरी के विधायक डा. प्रीतम राम को लुंड्रा एवं चिंतामणी महाराज को सामरी से टिकट दिया गया। पार्टी संगठन इससे सहमत नहीं था। दोनों विधायकों का पिछला आंकड़ा बेहतर था। पिछले चुनाव में वे भारी मतों से जीते थे। मैंने अपने लोगों को समझाया और जवाबदारी ली थी कि उनका काम होगा। कार्यकर्ताओं ने मेहनत कर चुनाव भी जिताया, लेकिन सामरी में कार्यकर्ताओं को इतनी परेशानी उठानी पड़ेगी इसका अंदाजा नहीं था। इस बार मैं इस स्थिति में नहीं हूं कि कार्यकर्ताओं को भरोसा दिला सकूं।

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डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने कहा कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के सत्तासीन होने के बाद जब राजनीतिक परिस्थितियां बदलीं तो लोगों के व्यवहार में भी बदलाव नजर आया। हालांकि उन्होंने कभी मेरे खिलाफ सार्वजनिक मंच पर कोई टिप्पणी नहीं की। उनके लिए मेरे मन में कोई दुराव नहीं है। उन्होंने कहा कि मेरी ओर से दोनों दरवाजे खुले थे लेकिन एक दरवाजा चिंतामणि महाराज ने खुद बंद कर लिया था। बीच में तो दुआ सलाम होना भी बंद हो गया था। वे मुझसे दूरी बनाकर रखना चाहते थे लेकिन आजकल स्थिति थोड़ी बदली है। अब फिर से दुआ सलाम का दौर शुरू हुआ है।

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