छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीति तेज हो गई। रविवार को डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव बलरामपुर जिले के राजपुर में आयोजित भेंट मुलाकात कार्यक्रम में पहुंचे। इस दौरान डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने रामानुजगंज विधायक बृहस्पति सिंह पर निशाना साधा। उन्होंने अपनी ही पार्टी के विधायक बृहस्पति सिंह का नाम लिए बगैर कहा कि किसी ने सीमा पार कर मुझ पर जान के खतरे का आरोप लगाया। वहां समझौता नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि आगे क्या होगा, लोग जानें, पार्टी जानें, लेकिन मेरी तरफ से समझौता नहीं होगा।
कार्यक्रम में टीएस सिंहदेव ने तीखे लहजे में कहा कि 'मुझे जितना गरियाना है गरिया लो, लेकिन महाराज साहब, महारानी साहिबा को सार्वजनिक मंच से कोई कुछ भी बोलेगा तो समझौता नहीं हो सकता। घर में जो बोलना है बोलिए, लेकिन मंच से दोनों के बारे में कुछ भी बोलेंगे तो मेरी तरफ से समझौता नहीं होगा। आज तक व्यक्तिगत तौर पर कई लोगों ने क्या किया, लेकिन मैनें कभी कुछ नहीं किया। मैनें उसे राजनीति के क्षेत्र में नहीं आने दिया। लेकिन आज एक ऐसी घटना घटी है, छत्तीसगढ़ में, जिसमें सीमा पार कर किसी ने मेरे उपर आरोप लगाया, जान के खतरे का आरोप लगाया। वहां समझाता नहीं हो सकता। आगे क्या होगा वो पब्लिक जानें, पार्टी जानें, लेकिन मेरी तरफ से समझौता नहीं हो सकता।'
डिप्टी सीएम ने अपने बयान में भले ही कोई नाम नहीं लिया, लेकिन उनका इशारा सीधे रामानुजगंज के कांग्रेस विधायक बृहस्पति सिंह की ओर था। बृहस्पति सिंह ने सिंहदेव पर जान से मारने की साजिश में शामिल होने का आरोप लगाया था। मामला विधानसभा में भी उठा था, जिसमें बृहस्पति सिंह ने सिंहदेव से माफी मांग ली थी।
बता दें कि 25 जुलाई को अंबिकापुर में बृहस्पति सिंह के काफिले के साथ आए वाहन में तोड़फोड़ हुई थी। इस घटना को लकर बृहस्पति सिंह ने दावा किया था यह हमला टीएस सिंहदेव के इशारे पर हुआ है। बृहस्पति सिंह ने प्रेस कांफ्रेंस के दौरान आरोप लगाया था मेरी जान को खतरा है। मेरे उपर हुए हमले के पीछे मंत्री टीएस सिंहदेव हैं। वे महाराजा हैं और यदि सिंहदेव मुख्यमंत्री बनते हैं तो वे मेरी हत्या करा सकते हैं। मामला विधानसभा पहुंचा तो सिंहदेव ने आरोपों पर घोर नाराजगी जताई थी। विधानसभा में बृहस्पति सिंह ने आरोपों को लेकर माफी मांग ली थी।