हादसे के बाद मौके पर पहुंची टीम को आरक्षक और चालक की हरकतों से उनके नशे में होने का संदेह हुआ। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र वाड्रफनगर में कराए गए डॉक्टरी मुलाहिजे में दोनों के शराब के नशे में होने की आधिकारिक पुष्टि हुई।
बलरामपुर जिले में पुलिस विभाग की छवि धूमिल करने और घोर लापरवाही बरतने वाले एक आरक्षक पर पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर ने कड़ा एक्शन लिया है। डायल 112 वाहन में ड्यूटी के दौरान शराब के नशे में धुत होकर सरकारी वाहन को दुर्घटनाग्रस्त करने के आरोप में आरक्षक संजय मारकण्डे को तत्काल प्रभाव से पुलिस सेवा से पृथक (बर्खास्त) कर दिया गया है।
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नशे की हालत में हुआ था पिकअप से जोरदार एक्सीडेंट
घटना 7 जुलाई 2026 की रात की है। चौकी वाड्रफनगर (थाना बसंतपुर क्षेत्र) में संचालित डायल 112 वाहन क्रमांक CG-03-A-2749 में आरक्षक संजय मारकण्डे और चालक ओमप्रकाश यादव तैनात थे। रात करीब 11:40 बजे एक इवेंट की सूचना मिलने पर दोनों वाहन लेकर ग्राम सिवरी बरतीकला की ओर रवाना हुए। वाड्रफनगर-अम्बिकापुर मुख्य मार्ग पर न्यू पंचवटी ढाबा के पास डायल 112 वाहन सामने से आ रही पिकअप क्रमांक UP-64-CT-1055 से जा टकराया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि सरकारी डायल 112 वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
मेडिकल जांच में शराब पीने की हुई थी पुष्टि
हादसे के बाद मौके पर पहुंची टीम को आरक्षक और चालक की हरकतों से उनके नशे में होने का संदेह हुआ। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र वाड्रफनगर में कराए गए डॉक्टरी मुलाहिजे में दोनों के शराब के नशे में होने की आधिकारिक पुष्टि हुई।
विभागीय जांच के बाद एसपी का कड़ा फैसला
प्रकरण में विभागीय जांच बैठाई गई थी, जिसमें आरक्षक संजय मारकण्डे पर सुरक्षा गार्ड जैसी अत्यंत महत्वपूर्ण ड्यूटी के दौरान शराब का सेवन करने, नशे की हालत में सरकारी वाहन को गंभीर रूप से दुर्घटनाग्रस्त कराने, घोर लापरवाही, अनुशासनहीनता और गंभीर कदाचरण के आरोप पूरी तरह प्रमाणित पाए गए। जांच रिपोर्ट के आधार पर पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर ने कड़ा रुख अपनाते हुए तत्कालीन चौकी वाड्रफनगर व हाल रक्षित केंद्र बलरामपुर में पदस्थ आरक्षक संजय मारकण्डे को 19 सितंबर को पुलिस सेवा से बर्खास्त करने का आदेश जारी कर दिया। एसपी के इस सख्त कदम से महकमे में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है।