सरगुजा में पुलिस ने एटीएम बूथों में सहयोग के बहाने एटीएम कार्ड बदलकर धोखाधड़ी करने के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़ा गया मुख्य आरोपी रांची का निवासी है जो दिल्ली में एक ठेकेदार की हत्या के मामले में सजायाफ्ता है। वर्ष 2019 में पैरोल पर जेल से बाहर से आने के बाद वह फरार हो गया था और एटीएम बदलकर धोखाधड़ी कर रहा था। उसका सहयोगी जशपुर से पकड़ा गया है। मुख्य आरोपी पर दिल्ली पुलिस ने 10 हजार का इनाम घोषित कर रखा है। वह रांजी में लाखों का घर बनवा रहा था।
सरगुजा एसपी भावना गुप्ता ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि सरगुजा जिले के कोतवाली थानाक्षेत्र, मणिपुर एवं बतौली में अलग-अलग मामलों में एटीएम कार्ड बदलकर पैसे निकाल लिए जाने के मामले दर्ज थे। इनमें कोतवाली क्षेत्र में 24 नवंबर 2023 को चोपड़ापारा के स्टेट बैंक एटीएम बूथ से एक खाताधारक का एटीएम बदलकर आरोपियों ने 80 हजार रुपये 25 फरवरी 2023 को एक महिला का बतौली में एटीएम बदलकर 65 हजार रुपये और एक अन्य मामले में नमनाकला अंबिकापुर के एमटीएम बूथ से एटीएम बदलकर 30 हजार 500 रुपये निकालने थे, जो रिपोर्ट में शामिल हैं। इसकी रिपोर्ट पर थाना कोतवाली मणिपुर, बतौली में सदर धारा 420, 34 भा.द.वि. का अपराध पंजीबद्ध किया गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस जांच टीम का गठन किया गया था। सीसीटीवी फुटेज और साइबर सेल की मदद से आरोपियों की पहचान होने पर पुलिस की संयुक्त टीम रांची, झारखंड के लिए रवाना हुई थी।
200 किलोमीटर पीछा कर पकड़ा गया आरोपी
सरगुजा पुलिस की संयुक्त टीम शातिर अपराधी मुकेश कुमार सोनी निवासी धुर्वा के रांची, झारखण्ड में स्थित ठिकानों पर दबिश दी गई। वह पुलिस के हाथ नहीं लगा। इस बीच उसे पुलिस द्वारा तलाश किए जाने की सूचना मिली तो वह ट्रक से लिफ्ट लेकर बिहार की ओर भाग रहा था। संयुक्त पुलिस टीम ने करीब 200 किमी पीछा कर आरोपी को झारखंड के छतरपुर से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपने सहयोगी बगीचा, जशपुर निवासी सुनील दास के साथ रांची से कार से अंबिकापुर आकर एटीएम बूथों पर सहायता के नाम पर एटीएम बदलने और बाद में रुपए निकालने करने की घटनाएं स्वीकारी। पुलिस ने उसके सहयोगी सुनील दास को भी धर दबोचा। आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने घटना में प्रयुक्त कार, एक बाइक, 04 मोबाइल, 32 नग एटीएम बरामद किया हैं। पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है।
हत्या के मामले में फरार था आरोपी
एसपी भावना गुप्ता ने बताया कि सरगना मुकेश सोनी आदतन बदमाश है। वह दिल्ली में एक ठेकेदार की हत्या के मामले में छह साल तक जेल में रहा। वर्ष 2019 में पैरोल में बाहर आने के बाद वह फरार है। दिल्ली पुलिस ने उसपर 10 हजार का नकद इनाम घोषित किया है। वर्ष 2012 में आरोपी के खिलाफ अपने घर में नक्सली को शरण देने का भी अपराध दर्ज हुआ था। वह रांची जेल में 4 माह की सजा काट चुका है। इस दौरान वह रांची में आलीशान घर बनवा रहा था।