सरगुजा जिले में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत कचरा प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक अभिनव पहल की गई है। अब प्लास्टिक वेस्ट का उपयोग प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सड़कों के निर्माण में किया जा रहा है।
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सरगुजा जिले में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत कचरा प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक अभिनव पहल की गई है। अब प्लास्टिक वेस्ट का उपयोग प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सड़कों के निर्माण में किया जा रहा है। इस दिशा में मैनपाट क्षेत्र में पहली प्रयोगात्मक सड़क तैयार की गई है।
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बताया गया है कि बतौली विकासखंड के सुवारपारा स्थित प्लांट में गिट्टी और डामर के मिश्रण में प्लास्टिक कचरे को मिलाकर सड़क बनाई जा रही है। यह प्लास्टिक वेस्ट स्वच्छ भारत मिशन के तहत एकत्रित किया जाता है, जिसे दरिमा स्थित प्रोसेसिंग सेंटर से खरीदकर ठेकेदारों द्वारा निर्माण कार्य में उपयोग किया जा रहा है।
महिलाओं के लिए बना आय का साधन
पहले बेकार समझा जाने वाला प्लास्टिक कचरा अब आय का स्रोत बन गया है। स्वच्छ भारत मिशन से जुड़ी महिला समूहों को इस कार्य से आर्थिक लाभ मिल रहा है। जहां पहले प्लास्टिक 15 से 20 रुपये प्रति किलो बिकता था, वहीं अब सड़क निर्माण के लिए 25 रुपये प्रति किलो की दर से खरीदा जा रहा है।
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सड़क की गुणवत्ता में भी सुधार
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अधिकारियों के अनुसार, डामर की परत में लगभग 8 प्रतिशत तक प्लास्टिक वेस्ट मिलाया जा रहा है, जिससे सड़कों की मजबूती और आयु में वृद्धि हो रही है।
आगे बढ़ेगा उपयोग
कलेक्टर अजीत वसंत ने बताया कि मैनपाट में करीब एक किलोमीटर लंबी सड़क के निर्माण में 500 किलोग्राम प्लास्टिक वेस्ट का उपयोग किया गया है। आने वाले समय में इस तकनीक का विस्तार कर अधिक सड़कों में प्लास्टिक वेस्ट का उपयोग किया जाएगा। यह पहल न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार और आय के नए अवसर भी सृजित कर रही है।