दुष्कर्म के आरोपी को 20 साल की सजा
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बलरामपुर रामानुजगंज अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालय पॉक्सो एक्ट में विद्वान न्यायाधीश शुभ्रा पचौरी के द्वारा राजपुर थाना में अभियुक्त बबलू सोनवानी एवं अन्य आरोपियों के के विरुद्ध धारा 363, 376,(2)(ढ) भारतीय दंड संहिता एवं धारा 6 लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 के तहत मामला पंजीबद किया गया था। जिसमें उनके द्वारा दोनों पक्षों की दलिल सुनते हुए फैसला सुनाते हुए आरोपी बबलू सोनवानी पिता स्व प्रेम साय सोनवानी उम्र 24 वर्ष ग्राम पुरुषोत्तमपुर थाना धौरपुर को पॉक्सो एक्ट की धारा में 20 वर्ष की सश्रम कारावास एवं ₹20000 अर्थदंड की सजा सुनाई सुनाई गई। वही मामले के एक अन्य आरोपी तुलसी शर्मा को इसी मामले में दो वर्ष की सजा सुनाई गई।
न्यायालय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार राजपुर थाना में नाबालिक पीड़िता के पिता के द्वारा अपराध पंजीबद्ध कराया गया कि पीड़िता अपने घर से अपने दादा के यहां मेहमानी 8.6.2022 को गई थी। इसी दौरान दोपहर 2:00 बजे घर में किसी को बीते बिना कहीं चली गई उसके पश्चात पीड़िता को अपने रिश्तेदार किया खोजबीन की गई किंतु पिता का पता नहीं चला। इसके बाद राजपुर थाने में सूचना दी गई। पुलिस के द्वारा जब मामले की विवेचना की गई तो पता चला कि अभियुक्त बबलू सोनवानी के साथ मिलकर नाबालिक पीड़िता अपहरण कर बबलू सोनवानी उसे अंबिकापुर सीतापुर एवं रायगढ़ ले गया जहां पीड़िता के साथ उसने कई बार बलात्कार किया। मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से विद्वान विशेष लोक अभियोजक राजेंद्र गुप्ता के द्वारा मामले की पैरवी की गई। अभियोजन पक्ष एवं बचाव पक्ष का तर्क सुनने के बाद विद्वान न्यायाधीश शुभ्रा पचौरी ने बबलू सोनवानी को 20 वर्ष की सजा एवं ₹20000 अर्थ की सजा सुनाई। वही मामले में सहयोगी एक अन्य सहयोगी तुलसी शर्मा 2 वर्ष की सजा एवं ₹500 अर्थदंड की सजा पॉक्सो एक्ट की धारा 12 के तहत सजा सुनाई गई। मामले में तीन अन्य आरोपी को संदेश का लाभ देते हुए आरोपियों को दोष मुक्त किया गया।