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छत्तीसगढ़: शिकारियों के बिछाए करंट वाले तार से हाथी की मौत, छह आरोपित गिरफ्तार

Sat, 26 Sep 2026 04:22 PM IST
अमन कोशले अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर

सार

दुलदुला वन परिक्षेत्र में शिकार के लिए बिछाए गए कथित करंट वाले तार की चपेट में आने से नर हाथी की मौत हो गई। वन विभाग ने 18 घंटे में छह आरोपितों को गिरफ्तार किया, जबकि पांच संदिग्धों की तलाश जारी है।
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पुलिस के गिरफ्त में आरोपी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जशपुर जिले के दुलदुला वन परिक्षेत्र में करंट वाले तार की चपेट में आने से एक नर हाथी की मौत हो गई। वन विभाग की जांच में खुलासा हुआ कि जंगल और खेत की सीमा पर वन्यजीवों के शिकार के लिए लगभग डेढ़ किलोमीटर लंबा बिजली का तार बिछाया गया था। इसी प्रवाहित तार के संपर्क में आने से हाथी की जान गई है। घटना की सूचना मिलते ही सक्रिय हुई वन विभाग की टीम ने 18 घंटे के भीतर छह आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि पांच अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है। वन विभाग ने 25 सितंबर की शाम सभी छह गिरफ्तार आरोपितों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर दिया।
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हाथी का शव 24 सितंबर की सुबह ढोढ़ीआरा गांव के नोनपानी जंगल में पाया गया था। सूचना मिलते ही वन विभाग का दल तुरंत मौके पर पहुंचा और पूरे घटनास्थल को सुरक्षित करते हुए जांच आरंभ की। वन अधिकारियों के अनुसार, जंगली सूअर या अन्य वन्यजीवों के शिकार के लिए शिकारियों ने यह तार बिछाया था।

तीन मकानों की तलाशी और साक्ष्य बरामदगी
मामले की छानबीन करते हुए वन विभाग की टीम ने संदिग्ध लोगों से पूछताछ की। इसके पश्चात ढोढ़ीआरा गांव के तीन मकानों की विधिवत तलाशी ली गई। इस दौरान करंट प्रवाहित करने में प्रयुक्त तार और शिकार संबंधी सामग्री बरामद हुई।
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एक मकान से मोर के पंख तथा फंदा भी जब्त किया गया। वन विभाग ने सभी सामान को सीलबंद कर जब्त किया। इसके अलावा, पोनहारी गांव निवासी सलिंदर और रूपेश से मिली जानकारी के आधार पर उनकी निशानदेही पर जंगल के अंदर नाले के पास छिपाकर रखा गया विद्युत तार बरामद किया गया। वन विभाग की टीम ने तार बिछाने के रास्ते, घटनास्थल और जब्ती की पूरी प्रक्रिया की फोटोग्राफी व वीडियोग्राफी कराई ताकि अदालत में मजबूत साक्ष्य प्रस्तुत किए जा सकें।

शिकारियों के समूह पर कड़ी कार्रवाई
पूछताछ में यह तथ्य सामने आया कि कुल 11 लोगों का समूह वन्यजीवों का शिकार करने के लिए करंट वाला तार बिछाने में शामिल था। हाथी की मौत के बाद आरोपितों ने साक्ष्य मिटाने की नीयत से तार हटा दिया था। इसमें से कुछ सामग्री एक घर में और बाकी सामान जंगल के भीतर छुपा दिया गया था।

बरामद साक्ष्यों के आधार पर वन विभाग ने कार्रवाई में, गिरफ्तार आरोपितों में धुरीअंबा निवासी समीर टोप्पो, कोहड़ाफारी निवासी अगसतुस एक्का, धुरीअंबा निवासी रूपेश एक्का, ढोढ़ीआरा निवासी दिनेश राम, कोहड़ाफारी निवासी सलिंद्र राम और कोहड़ाफारी निवासी तरसियुस राम शामिल हैं। शेष पांच संदिग्धों की तलाश की जा रही है। गिरफ्तार आरोपितों का चिकित्सीय परीक्षण कराने के बाद उन्हें अदालत में पेश किया गया। इस मामले में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत कार्रवाई की जा रही है।

फोरेंसिक जांच, पोस्टमार्टम, फिर दफनाया
मृत नर हाथी का तय प्रक्रिया के तहत पोस्टमार्टम कराया गया। सरगुजा से पहुंचे पशु चिकित्सक डॉ. अजीत पांडेय और स्थानीय डॉक्टरों की टीम ने पोस्टमार्टम किया। इस दौरान आवश्यक फोरेंसिक नमूने सुरक्षित रखे गए हैं। हाथी की मृत्यु के वास्तविक कारणों की अंतिम पुष्टि फोरेंसिक जांच रिपोर्ट आने के बाद होगी।

पोस्टमार्टम के बाद शासन तथा वन विभाग के नियमों के अनुसार मृत हाथी को दफना दिया गया। जशपुर डीएफओ शशि कुमार ने बताया कि ढोढ़ीआरा के नोनपानी जंगल में करंट से हाथी की मौत हुई थी। मामले में छह आरोपितों को पकड़ा जा चुका है और पांच अन्य लोगों की तलाश जारी है। वन विभाग यह भी जांच कर रहा है कि क्या आरोपित पहले भी किसी वन्यजीव अपराध में संलिप्त रहे हैं। इसके साथ ही विद्युत विभाग से तकनीकी जांच रिपोर्ट और बिजली आपूर्ति के रिकॉर्ड मांगे गए हैं।
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