छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के नवा रायपुर में कांग्रेस का 85वें राष्ट्रीय महाधिवेशन में शामिल होने कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी रायपुर पहुंचे। स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट रायपुर सीएम भूपेश बघेस समेत पार्टी के अन्य दिग्गज नेताओं ने सोनिया गांधी और राहुल गांधी का गमजोशी के साथ स्वागत किया।
• शहीद वीर नारायण सिंह नगर, नया रायपुर में कांग्रेस के 85वें महाधिवेशन के मौके पर आयोजित कांग्रेस स्टीयरिंग कमिटी की बैठक में आप सभी मित्रों का मैं बहुत स्वागत करता हूं।
• 1885 से अब तक कांग्रेस के 138 साल के इतिहास में 84 अधिवेशन हो चुके हैं, लेकिन ये अधिवेशन इस लिहाज से खास है कि आज से करीब 100 साल पहले 1924 में राष्ट्रपिता महात्मा गांधीजी जी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष चुने गए थे। यह महाधिवेशन मेरे गृह राज्य कर्नाटक में बेलगांव में हुआ था। हालांकि गांधीजी एक बार ही कांग्रेस के अध्यक्ष रहे। लेकिन उन्होने छोटी सी अवधि में कांग्रेस को गरीबों, कमजोर तबकों, गांव देहात और नौजवानों से जोड़ कर एक आंदोलन बना दिया था।
• सौ साल बाद फिर से उसी संकल्प और भाव की जरूरत है। ये उनके प्रति हमारी सबसे बड़ी श्रद्धांजलि होगी।
• कांग्रेस के हर महाधिवेशन में कुछ अहम फैसले हुए हैं, जिससे हमारा संगठन आगे बढ़ा। कुछ अधिवेशन मील के पत्थर बने। वहां होने वाले फैसले आज भी इतिहास में याद किए जाते हैं। फैजपुर, बांकीपुर, हरिपुरा से लेकर तमाम जगहें लोगों को केवल इस नाते याद है क्योंकि वहां कांग्रेस का अधिवेशन हुआ था।
• हमारे सामने ये मौका है कि नया रायपुर को भी हम इतिहास में इस तरह दर्ज करा दें की आने वाले समय में यह हमे रास्ता दिखाता रहे।
• इस मौके पर मैं ये बात रखना भी जरूरी समझता हूं कि राहुलजी ने कन्याकुमारी से कश्मीर तक भारत जोड़ो यात्रा से देश भर में जिस ऊर्जा भरी और महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक मुद्दों पर जिस तरह जागरूकता फैलायी, उस जोश को हमें बनाए रखना है।
• छत्तीसगढ़ के इतिहास में कांग्रेस का यह महाधिवेशन आधा दर्जन राज्यों के विधान सभा चुनावों और उसके बाद 2024 के आम चुनावों की पृष्ठभूमि में हो रहा है।
• हमारे सामने ये एक बड़ी चुनौती भी है और एक बड़ा अवसर भी है।
• यहां से हमारा सार्थक संदेश करोड़ों साथियों तक एक नई ऊर्जा के साथ पहुंचेगा तो वो कार्यकर्ता उसे गांव-गांव उसे पहुंचा कर जनता का विश्वास हासिल करने में कामयाब होंगे। हम जो फैसले लेंगे वो कन्याकुमारी से कश्मीर तक हमारी पार्टी के भविष्य का एक मजबूत आधार बनेंगे।
• इस नाते आप सभी साथियों से मेरा अनुरोध है कि आप खुल कर और व्यवहारिक पक्ष को ध्यान में रख कर अपनी बातें रखें। वो बातें रखें जो जनता के मुद्दों से सीधे जुड़ी हों। और जिससे GRASSROOT से जुड़े साथियों में ठोस संदेश और संकेत जाये।