छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में रतनपुर स्थित आदिशक्ति मां महामाया मंदिर में मंगलवार को सामूहिक विवाह कार्यक्रम का आयोजन हुआ। यहां 81 जोड़ों ने सात फेरे लिए और वैवाहिक बंधन में बंध गए। इस कार्यक्रम में एक दिव्यांग जोड़े ने शादी की और व्हीलचेयर पर सात फेरे लेकर एक-दूसरे के हो गए।
इस सामूहिक विवाह कार्यक्रम का आयोजन मंदिर ट्रस्ट और राज्य के महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से अक्षय तृतीया के अवसर पर किया गया था। जानकारी के अनुसार इसके लिए लगभग 100 जोड़ों ने पंजीकरण कराया था, जिनमें से जांच-पड़ताल के बाद 81 जोड़ों का विवाह संपन्न कराया गया।
कोटा विधायक डॉ. रेणु जोगी मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुईं। संसदीय सचिव व तखतपुर से विधायक रश्मि आशीष सिंह ठाकुर ने भी कार्यक्रम में शिरकत की और वर-वधुओं को आशीर्वाद दिया। यह कार्यक्रम पूरी तरह से निशुल्क था। वर-वधुओं को उनकी आवश्यकताओं का सामान भी दिया गया है।
कार्यक्रम में सिरगिट्टी के रहने वाले ब्रज लाल सोनवानी और छतौना निवासी गौरी ने भी सात फेरे लिए। दोनों पैर से दिव्यांग हैं। उनके सात फेरों के लिए ट्रस्ट की ओर से व्हीलचेयर की व्यवस्था की गई थी। कोरोना वायरस महामारी के चलते दो साल बाद सामूहिक विवाह कार्यक्रम आयोजित किया गया।