कांग्रेस ने राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन
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छत्तीसगढ़ में खनिज निगम के चेयरमैन पद के नाम पर हुई 41 लाख 30 हजार रुपये की ठगी का मामला अब राजनीतिक रंग ले चुका है। इस मामले में बुधवार को कोंडागांव जिला कांग्रेस कमेटी ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर कलेक्टर को राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा और मामले की आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) से जांच कराने की मांग की है।
ज्ञापन में कहा गया है कि केशकाल निवासी भाजपा नेता, पूर्व जिला अध्यक्ष और वर्तमान कोर ग्रुप सदस्य संतोष कटारिया ने खुद 20 जुलाई 2025 को केशकाल थाने में एफआईआर दर्ज करवाई है। उन्होंने दो लोगों—काजल जोशी उर्फ कोमल इंगुले और राजीव सोनी—पर 41.30 लाख रुपये की ठगी का आरोप लगाया है। कटारिया का कहना है कि उन्हें खनिज निगम का अध्यक्ष बनाए जाने का झांसा देकर यह रकम ऐंठी गई। कांग्रेस नेताओं ने मामले में कई गंभीर सवाल उठाए हैं। पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष झुमका लाल दीवान ने कहा कि जिस कथित आरएसएस पदाधिकारी के माध्यम से कटारिया की मुलाकात हुई, उसमें केशकाल के एक जनप्रतिनिधि की भूमिका संदिग्ध है। उन्होंने यह भी पूछा कि इतनी बड़ी रकम कटारिया के पास आई कहां से? क्या यह अवैध वसूली, हवाला या किसी अन्य संदिग्ध लेनदेन से जुड़ी है?
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भाजपा के भीतर पद बांटने के बदले पैसों का लेनदेन हो रहा है, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए खतरनाक संकेत है। उन्होंने कहा कि स्वयं भाजपा नेता द्वारा स्वीकारे गए इस लेनदेन से पार्टी की नीतियों और कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठते हैं। कांग्रेस ने मांग की है कि इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की जाए ताकि असली दोषियों को चिन्हित कर सख्त कार्रवाई की जा सके। कांग्रेस ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि इस तरह के मामलों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो यह प्रदेश की राजनीति और प्रशासन की पारदर्शिता पर गहरा आघात होगा।