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CG: नक्सल प्रभावित क्षेत्र के 100 बच्चों ने पास की 10वीं-12वीं की परीक्षा, 14 लाख का ईनामी नक्सली भी उत्तीर्ण

Thu, 16 May 2024 02:58 PM IST
श्याम जी. अमर उजाला नेटवर्क, कबीरधाम

सार

प्रदेश के नक्सल प्रभावित जिले में शामिल कबीरधाम के नक्सल प्रभावित क्षेत्र के बच्चों ने कक्षा 10वीं व 12वीं की पढ़ाई पूरी कर ली है। ओपन स्कूल परीक्षा में 14 लाख रुपये का इनामी नक्सली समेत 100 बच्चे उत्तीर्ण हुए हैं। 
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दिवाकर व अन्य बच्चे - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कबीरधाम पुलिस ने नक्सल प्रभावित क्षेत्र के 200 से अधिक बच्चों का छत्तीसगढ़ राज्य ओपन स्कूल के कक्षा 10वीं व 12वीं की परीक्षा के लिए फॉर्म भरवाया था। बुधवार को छत्तीसगढ़ राज्य ओपन स्कूल ने परीक्षा परिणाम जारी किए। ओपन स्कूल परीक्षा में 14 लाख रुपये का इनामी नक्सली समेत 100 बच्चे उत्तीर्ण हुए हैं। 

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कबीरधाम एसपी डॉ. अभिषेक पल्लव ने बताया कि वर्ष 2023-24 में 200 से अधिक बच्चों को कक्षा 10वीं व 12वीं का ओपन परीक्षा का फॉर्म भरावाया गया था। अधिक दूरी होने के कारण स्कूल व कोचिंग सेंटर तक पहुंचने में असमर्थ विद्यार्थियों के लिए वनांचल के शिक्षित युवाओं के माध्यम से ही नक्सल प्रभावित गांवों के विद्यार्थियों को कोचिंग के माध्यम से पढ़ाई कराई गई। 

परीक्षा उत्तीर्ण करने वालों में 14 लाख रुपये का इनामी नक्सली दिवाकर भी शामिल है। दिवाकर ने वर्ष 2021 में सरेंडर किया था। सरेंडर के बाद पढ़ाई शुरू की और आज पास हो गया है। 200 बच्चों में से 105 उत्तीर्ण हो गए हैं। वहीं, अन्य विद्यार्थी, जो कुछ विषय में फेल हुए हैं, वे आने वाले समय में संबंधित विषय की परीक्षा में शामिल होंगे। कबीरधाम जिले में ओपन स्कूल का परीक्षा केंद्र ब्लॉक मुख्यालय में है। ऐसे में केंद्र तक परीक्षा दिलाने के लिए वाहन की व्यवस्था की गई थी। सभी विद्यार्थी नक्सल प्रभावित क्षेत्र के चिल्फी, तरेगांव जंगल, रेंगाखार जंगल, झलमला जंगल व बोड़ला ब्लॉक के सुदूर वनांचल गांव के हैं।
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एडिशनल एसपी विकास कुमार सिंह ने बताया कि पिछले वर्ष में भी 100 अधिक विद्यार्थी ने ओपन स्कूल परीक्षा उत्तीर्ण की थी। इसके बाद कुछ शासकीय सेवा, कुछ स्वरोजगार व कॉलेज की पढ़ाई कर रहे हैं। जिला पुलिस का उद्देश्य है कि नक्सल प्रभावित क्षेत्र के बच्चे भी शिक्षा से जुड़ें। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पुलिस द्वारा सामुदायिक पुलिसिंग के तहत कई कार्य किए जा रहे हैं। इस कारण लोगों का पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ा है व पुलिस के प्रति नजरिया बदला है।

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