नेशनल हाईवे जीरकपुर में बीती 6 फरवरी को हुए भयानक एक्सीडेंट में घायल ऑटो चालक अमित कुमार की जीएमसीएच-32 में सोमवार सुबह 12.01 बजे मौत हो गई। पुलिस ने मृतक का पोस्टमार्टम कर शव परिजनों को सौंप दिया है। अमित ऑटो चलाता था।
लोहगढ़ में अमित कुमार पत्नी और 3 वर्षीय बेटी के साथ किराए पर रहता था। घर में कमाने वाला अमित ही एकमात्र सहारा था। दिनभर ऑटो चलाकर परिवार का पेट पालता था। अमित का बड़ा भाई अमर कुमार जो चंडीगढ़ में कबाड़ का कार्य करता है। अमित का छोटा भाई सुनील कुमार जो कांसल चंडीगढ़ में रहता है।
सर्जरी में रुपये की कमी आड़े आई
अमित के स्पाइन में तीन फैक्चर थे। स्पाइन में फैक्चर के अलावा सिर में गंभीर चोट लगी थी। सर्जरी भी होनी थी। पत्नी नीतू ने यह भी आरोप लगाया कि अमित की सर्जरी में लगातार देरी हो रही थी। रुपये की कमी आड़े आ रही थी।
घर में अकेले कमाने वाला था अमित
अमित कुमार घर में अकेले कमाने वाला था। वह ऑटो रिक्शा चलाकर अपने घर का खर्च चलाता था। तीन महीने पहले उसकी बेटी ने जन्म लिया। वहीं, अमित के पेरेंट्स की पहले ही मौत हो चुकी थी। ऐसे में चिंता इस बात की भी है कि अमित के परिवार को कौन संभालेगा।
अमित के इलाज में लापरवाही भी बरती गई
जीएमसीएच-32 में जिंदगी की जंग हारने वाले ऑटो रिक्शा चालक अमित कुमार की पत्नी नीतू ने आरोप लगाया कि इमरजेंसी में डॉक्टरों ने इलाज में लापरवाही बरती। यदि उसके पति का सही इलाज होता तो शायद जान बच जाती।
यहां इलाज के नाम पर सिर्फ ग्लूकोज और टांके लगा रहे थे। जब से उसके पति हास्पिटल आए, दर्द के कारण सो नहीं पाए। बराबर खून बह रहा था। डॉक्टर से कुछ पूछते तो वे चिल्ला उठते थे। दवा लिखते और निकल जाते थे।
इमरजेंसी में तैनात दूसरे डॉक्टरों से पूछने जाते तो वे कहते थे कि जिसने दवा लिखी, उससे ही बात करो। तीन दिन से डॉक्टरों पर आस लगाए बैठे थे कि वे मेरे पति का आपरेशन करेंगे, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। रुपये भी नहीं थे। उधार लेकर पति का इलाज करवा रही थी, लेकिन फिर भी जान नहीं बची।
6 फरवरी को जीरकपुर फ्लाईओवर पर हुआ था हादसा
जिक्रयोग है कि जीरकपुर-अंबाला फ्लाईओवर पर छह फरवरी को पजेरो कार व आई-20 की रेस में संतुलन खोने पर इनकी चपेट में ऑटो व बाइक सवार 2 युवकों आ गए थे। हादसे में मनकिरत निवासी जीरकपुर व भूपिंदर निवासी की मौके पर ही मौत हो गई थी।
वहीं हादसे में घायल ऑटो चालक अमित कुमार, ऑटो में सवार पूजा, मोहित त्यागी, बाइक सवार विपन थापा को जीएमसीएच-32 चंडीगढ़ दाखिल करवाया गया था। जहां पूजा व विपन थापा की गंभीर हालत देखकर पीजीआई रेफर कर दिया गया था। इलाज के दौरान पूजा की हालत में सुधार हो रहा था।
इसके बाद परिजन पीजीआई से छुट्टी करवा निजी हॉस्पिटल में इलाज के लिए ले गए। वहीं जीएमसीएच-32 में अमित कुमार की रविवार को हालत गंभीर बताई जा रही थी। सोमवार को अमित कुमार जख्म सहन न कर सका और दम तोड़ दिया।
जीरकपुर-अंबाला फ्लाईओवर पर नाका
जांच अधिकारी हंसराज ने बताया कि अमित कुमार की मौत के बाद पहले दर्ज मामले और धाराओं को जोड़कर कार्रवाई की जाएगी। पुलिस के अनुसार अमित कुमार ने उपचार के दौरान रविवार को अपने बयान दर्ज कराये थे कि पजेरो व आई-20 कार दोनों रेस लगाती हुई आ रही थी।
सोमवार को ट्रैफिक पुलिस ने नेशनल हाईवे में पड़ते जीरकपुर फ्लाईओवर के खत्म होने वाले स्थान पर नाका लगाकर वाहनों की चेकिंग की। चेकिंग में 14 ओवर स्पीड, बिना सीट बेल्ट के 03, मोबाइल पर बाते करने वाले 03, बिना हेलमेट के 08 लोगों के चालान किए गए। ट्रैफिक इंचार्ज गुरविंदर सिंह ने बताया कि लोग चंडीगढ़ में तो सीट बेल्ट लगाते हैं।
लेकिन जैसे ही चंडीगढ़ को क्रॉस कर जीरकपुर में प्रवेश करते हैं तो सीट बेल्ट खोल देते हैं। इसके अलावा अंबाला की तरफ जाने वाले अधिकतर वाहन ओवरब्रिज का ही इस्तेमाल करते हैं। सोमवार को भी जिन लोगों को रोककर चेक किया गया है। उनमें अधिकतर लोग ओवर स्पीड थे और कुछ लोगों ने सीट बेल्ट नहीं लगा रखी थी। इनके चालान काटे गए हैं।